“ଧୈର୍ଯ୍ୟର ଫଳ ମିଠା ତ ନିଶ୍ଚୟ ହୋଇଥାଏ, କିନ୍ତୁ ପ୍ରାୟତଃ ଯେତେବେଳେ ମିଳେ ସେତେବେଳକୁ ଭୋକ ମରିସାରିଥାଏ!” ଜୀବନରେ କିଛି ଜିନିଷ ପାଇବା ପାଇଁ ଆମକୁ ଦୀର୍ଘ…
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“ଧୈର୍ଯ୍ୟର ଫଳ ମିଠା ତ ନିଶ୍ଚୟ ହୋଇଥାଏ, କିନ୍ତୁ ପ୍ରାୟତଃ ଯେତେବେଳେ ମିଳେ ସେତେବେଳକୁ ଭୋକ ମରିସାରିଥାଏ!” ଜୀବନରେ କିଛି ଜିନିଷ ପାଇବା ପାଇଁ ଆମକୁ ଦୀର୍ଘ…
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भारतीय दर्शन, धर्मशास्त्र और नैतिक चिंतन में पाप और पुण्य कर्म सिद्धांत (Law of Karma) के दो मुख्य पहलू हैं।…
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समय कब बदल जाए, कोई कह नहीं सकता… भाग्य कब साथ छोड़ दे, कोई जान नहीं सकता… इसलिए समय और…
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ज़िंदगी की राहों में ठहरने वालों को कोई याद नहीं रखता, इतिहास हमेशा उन्हीं का बनता है जो मुश्किलों से…
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क्या शरीर समाप्त होने के बाद भी चेतना बच सकती है? मनुष्य का जीवन खत्म होने के बाद आखिर उसकी…
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.आज का विचार . “प्रसन्नता” निरंतर उत्तेजना या उत्साह की स्थिति नहीं है।यह उदासी के अभाव की स्थिति है। नींद…
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एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म लेने पर भी सबके कर्म और भाग्य अलग अलग क्यों ? एक बार एक…
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!!दीपक और आँधी!! एक छोटे से गाँव में एक बुजुर्ग कुम्हार रहता था। वह हर शाम अपने घर के बाहर…
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କହିବା ଲୋକଟା ବଡ଼ ହୁଏ ନାହିଁସହିବା ଲୋକ ଟା ବଡ଼,ସହିବା ଲୋକଟା ସଦା ହସୁଥାଏଆସିଲେ ବି ଯେତେ ଝଡ଼ । ନିଜର ଦୁଃଖ ପାଇଁ କେବେ ବି…
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जब एक पिता अभावों में रहकर अपने बच्चे को पालता है, तो उसकी बातों में कोई दिखावा नहीं होता। उनकी…
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