~।। चौपाई ।।~~~~~ सुनहू उमा ते लोगअभागी।हरि तजि होहिंबिषय अनुरागी। भावार्थ :- भगवान शिव जी माता पार्वती जी से कहते…

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“अतिथि” शब्द ही अपने भीतर एक सुंदर अर्थ समेटे हुए है , शायद अब हमें अपनी परंपरा में एक छोटा-सा परिवर्तन करना चाहिए _आचार्य सत्यनारायण

अतिथि… या प्रतीक्षा? “अतिथि” शब्द ही अपने भीतर एक सुंदर अर्थ समेटे हुए है—जिसकी तिथि निश्चित न हो, वही अतिथि…

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ଗାଈ ଚୋରି କରି ଅଭିଶାପ ପାଇଥିବା ଆଠ ଭାଇ ଓ ପୃଥିବୀକୁ ପୁଣି ଫେରି ଆସିଥିବା ଜଣେ ରାଜାଙ୍କ କାହାଣୀ

ଗାଈ ଚୋରି କରି ଅଭିଶାପ ପାଇଥିବା ଆଠ ଭାଇ ଓ ପୃଥିବୀକୁ ପୁଣି ଫେରି ଆସିଥିବା ଜଣେ ରାଜାଙ୍କ କାହାଣୀ କାହିଁକି ସ୍ୱର୍ଗ ଯାଇଥିବା ରାଜା ପୁଣି…

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विवेक केवल बौद्धिक चतुरता का नाम नहीं है। यह अन्तःकरण का परम् निर्मल भाव है,

विवेकी जीवन ही श्रेष्ठ जीवन है विवेक केवल बौद्धिक चतुरता का नाम नहीं है। यह अन्तःकरण का परम् निर्मल भाव…

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कर्मों को करने में राग न हो और छोड़ने में द्वेष न हो—इतनी झंझट क्यों की जाये? कर्मों का सर्वथा ही त्याग क्यों न कर दिया जाये?

श्रीमद्भगवद्गीता कर्मों को करने में राग न हो और छोड़ने में द्वेष न हो—इतनी झंझट क्यों की जाये? कर्मों का…

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सर्वं कठिनं स्यात्, तस्मात् धैर्यं धर ; जलमपि यथाकालं पाषाणं छेत्तुमर्हति_ नारद

अमृतवाणी तव, मम च मध्ये स्थिता भित्तिः (भेदः) केवलं शब्दस्य हि वर्तते । यदा स शब्दो निपतेत्, तदा केवलं प्रेम…

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भगवान महादेव जैसा परमार्थी और वैरागी कोई दूसरा देव नहीं है_ विजय कुमार शुक्ला उत्तरप्रदेश

मंगल निधि महादेव भगवान महादेव जैसा परमार्थी और वैरागी कोई दूसरा देव नहीं है। भगवान शिव की करुणा तो देखिए,एक…

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फलदार पेड़ और गुणवानव्यक्ति ही झुकते हैं,सुखा पेड़ और मूर्खव्यक्ति कभी नहीं झुकते,

फलदार पेड़ और गुणवानव्यक्ति ही झुकते हैं,सुखा पेड़ और मूर्खव्यक्ति कभी नहीं झुकते,कदर किरदार की होती है,वरना कद में तो…

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