शरीर का अनुसरण करके वर्तमान में रहने का अभ्यास किया जा सकता है।शरीर जिस कार्य के लिए आया है उसे पूरा करने दीजिये- सचिदानंद पाठक

“शरीर जिस कार्य के लिए आया है उसे पूरा करने दीजिये।जैसे एक नाटक में एक अभिनेता उसका पार्ट अदा करता…

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"अति सुन्दर, सनातन घड़ी" “ll✨✨✨✨✨✨ll” 12:00 बजने के स्थान पर “आदित्य” लिखा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि सूर्य…

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संसार को देखकर जिसकी तृष्णा शांत हो जाए, वही धन्य है। आप अक्सर मानते हैं कि थोड़ी और सफलता, थोड़ा…

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99,99, 999यानी एक करोड़ से एक कम 99 लाख 99 हजार मूर्तियों वाला यह रहस्यमयी मंदिर

99 लाख 99 हजार (यानी एक करोड़ में एक कम) मूर्तियों वाला यह रहस्यमयी स्थल त्रिपुरा राज्य के ऊनाकोटी जिले…

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जन्माष्टमी //श्रीकृष्ण के जीवन से हमें क्या सीखना। है , मुश्किल समय में साहस रखें कठिनाइयों से डरने के बजाय उनका सामना करें।जीवन की 18 बड़ी सीख

जन्माष्टमी — श्रीकृष्ण से जीवन की 18 बड़ी सीखजन्माष्टमी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण…

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खुद को बहुत चालाक या ‘चालक’ समझना इंसान की एक बहुत बड़ी भूल है,क्योंकि हर चालाकी का एक अंत और समय का हिसाब होता है।

खुद को बहुत चालाक या ‘चालक’ (समझदार या धोखेबाज) समझना इंसान की एक बहुत बड़ी भूल है, क्योंकि हर चालाकी…

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कई बार पिता का स्वभाव थोड़ा सख्त हो सकता है, लेकिन उसके पीछे बेटे का हित और उसकी भलाई छिपी होती है।

ईश्वर हमें जीवन की शुरुआत में अनुशासन, मार्गदर्शन और सुरक्षा देने के लिए पिता का साया देते हैं, जो भले…

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