कई बार हमें लगता है कि सामने वाला व्यक्ति कठोर , चिड़चिड़ा या हमारे प्रति संवेदनशील नहीं है
हम किसी के जीवन का केवल वही हिस्सा देख पाते हैं,जो वह दुनिया को दिखाना चाहता है।
उसके मन में चल लाहे संघर्ष, चिंताएँ, भय, जिम्मेदारियाँऔर उसके अधूरे दर्द अक्सर हमारी नजरों से ओझल रहते हैं।
किसी के केवल व्यवहार को देखकर उसके पूरे जीवन का अनुमान लगाना अक्सर हमारी अधूरी समझ को दर्शाता है।
अक्सर हम लोगों को उनके बाहरी व्यवहार से आँक लेते हैं
परंतु जीवन की सबसे अनमोल संपत्ति आपकी सोच नहीं,
बल्कि वह स्थान है जो हम दूसरों के हृदय में बनाते है,
क्योंकि अंत में, नाम नही,
आपका प्रेम, सहयोग और स्नेह ही याद रखा जाता है…
किसी का हिस्सेदार बनना है तो हिचकियों का बनिए , सिसकियों का नहीं…
. निर्णय आपका
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