कभी-कभी केवल विनम्रता धारण करने से ही धर्मरक्षा, आत्मरक्षा एवं स्वाभिमानरक्षा संभव नहीं हो पाती है इसलिए जीवन में कठोरता का भी अपना स्थान है_ विजय शुक्ला उत्तरप्रदेश

कठोरता भी आवश्यक कभी-कभी केवल विनम्रता धारण करने से ही धर्मरक्षा, आत्मरक्षा एवं स्वाभिमानरक्षा संभव नहीं हो पाती है इसलिए…

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हमारा कर्ताभाव ही आध्यात्म में हमारे पतन का एकमात्र कारण है _कृपा शंकर

हमारा कर्ताभाव ही आध्यात्म में हमारे पतन का एकमात्र कारण है। परमात्मा को ही एकमात्र कर्ता बनायें, और निरंतर ब्राह्मी-स्थिति…

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