कभी-कभी केवल विनम्रता धारण करने से ही धर्मरक्षा, आत्मरक्षा एवं स्वाभिमानरक्षा संभव नहीं हो पाती है इसलिए जीवन में कठोरता का भी अपना स्थान है_ विजय शुक्ला उत्तरप्रदेश

कठोरता भी आवश्यक कभी-कभी केवल विनम्रता धारण करने से ही धर्मरक्षा, आत्मरक्षा एवं स्वाभिमानरक्षा संभव नहीं हो पाती है इसलिए…

Read More
हमारा कर्ताभाव ही आध्यात्म में हमारे पतन का एकमात्र कारण है _कृपा शंकर

हमारा कर्ताभाव ही आध्यात्म में हमारे पतन का एकमात्र कारण है। परमात्मा को ही एकमात्र कर्ता बनायें, और निरंतर ब्राह्मी-स्थिति…

Read More
अनाहत चक्र // हृदय में बजने वाला बिना आहत नाद_मनीष चन्द्र पाण्डे अयोध्या उत्तरप्रदेश

अनाहत चक्र — हृदय में बजने वाला बिना आहत नाद। योग की भाषा में सात मुख्य चक्र हैं, और ठीक…

Read More
ପୁରାଣ ଅନୁସାରେ ନଡ଼ିଆକୁ ଶ୍ରୀଫଳ କାହିଁକି କୁହାଯାଏ ?

ପୁରାଣ ଅନୁସାରେ ନଡ଼ିଆକୁ ଶ୍ରୀଫଳ କାହିଁକି କୁହାଯାଏ ? 🌴 ଦୁନିଆର ପ୍ରତ୍ୟେକ ଶୁଭ କାର୍ଯ୍ୟରେ ବ୍ୟବହୃତ ହେଉଥିବା ନଡ଼ିଆରେ ମଣିଷ ମୁହଁ ପରି ଦୁଇଟି ଆଖି,…

Read More
भगवान जगन्नाथ के अद्भुत स्वरूप का रहस्य_मनीष चन्द्र पाण्डे अयोध्या उत्तरप्रदेश

भगवान जगन्नाथ के अद्भुत स्वरूप का रहस्य!!!!!!! भगवान जगन्नाथ साक्षात् श्रीकृष्ण हैं,सबकुछ बदलने के बाद भी ईश्वर जो सतयुग, त्रेता…

Read More