आज का अमूल्य विचार
परिस्थितियों के आगे झुक जाना, लक्ष्य तक पहुँचने से पहले रुक जाना ही है।
इस सृष्टि में श्रेष्ठ की प्राप्ति उसी को होगी जिसने कठिन परिस्थितियों का सामना करना स्वीकार किया, झुकना नहीं।
नीति शास्त्र कहते हैं, कि अधम श्रेणी के मनुष्य- कठिनाइयों के भय से किसी उत्तम कार्य को प्रारंभ ही नहीं करते।
मध्यम श्रेणी के मनुष्य- कार्य को तो प्रारंभ करते हैं पर विघ्नों को आते देख घबराकर बीच में ही छोड़ देते हैं।
उत्तम श्रेणी के मनुष्य- विघ्न बाधाओं से बार- बार प्रताड़ित होने पर भी प्रारंभ किये हुए उत्तम कार्य को तब तक नहीं छोड़ते, जब तक कि वह पूर्ण न हो जाए।
कार्य जितना श्रेष्ठ होगा बाधाएं भी उतनी ही बड़ी होंगी।
आत्मबल जितना ऊँचा होगा फिर सारी समस्याएं स्वतः उतनी ही छोटी नजर आने लगेंगी।
अपने संकल्प को इतना मजबूत बनाइये कि हार को भी आपसे हार कर जाना पड़े।
रुकना नहीं, झुकना नहीं सदैव आगे बढ़ना सीखें…
निर्णय आपका,
स्वयं विचार करें
||श्रीराम जय राम जय जय राम||
















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