यदि हमारी शिकायत है, कि दूसरे हमको नहीं समझ पाते हैं, तो चिंता मत करना क्योंकि शब्द जितने गहरे होते हैं, वो उतनी ही देर से और उतने ही कम लोगों की समझ आते हैं।
साधारण पुस्तकें तो कोई भी पढ़ कर समझ सकता है, लेकिन कठिन पुस्तकें कुछ असाधारण प्रतिभा संपन्न लोगों की ही समझ आ सकती है।
जिसमें गहराई होगी, उसका बड़ा मूल्य भी होगा क्योंकि साधारण समझ तो आता है, लेकिन मूल्यवान नहीं होता।
हमारा व्यक्तित्व जितना असाधारण होगा, उतना ही दूसरों की समझ से परे भी होगा।
सरल पुस्तक और साधारण व्यक्तित्व तो सभी पढ़ लेते हैं, लेकिन कठिन पुस्तक एवं असाधारण व्यक्तित्व को चुनिंदा लोगों द्वारा ही पढ़ा जाता है। व्यक्तित्व की गहराई ही हमारे जीवन को साधारण से असाधारण बनाती है।
हमारे सारे प्रयास दूसरों को समझ आने के लिए नहीं अपितु स्वयं के जीवन के उद्देश्य को समझने की दिशा में ही होने चाहये
जीवन में हर परिस्थिति हमारे नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन उस परिस्थिति को देखने का हमारा नजरिया पूर्णतः हमारे हाथ में होता है। जब हम समस्याओं को केवल बाधा न मानकर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर समझते हैं, तब तनाव कम होता है और मानसिक शक्ति बढ़ती है। सकारात्मक दृष्टिकोण कोई जन्मजात गुण नहीं, बल्कि एक अभ्यास है जो धीरे-धीरे आत्मविश्वास, धैर्य और आंतरिक शांति प्रदान करता है। जय श्री राधे
🙏 राधे राधे
















Leave a Reply