मुक्ति मुण्डे में थारे..तेरे मुँह में मुक्ति पड़ी,,

।।राम जी राम।। अध्यात्मरामायणमें भगवान् शंकर खुद रामजीसे कहते हैं- ‘भगवन्! मैं भवानीके सहित काशीमें रहता हूँ। ‘मुमूर्षमाणस्य दिशामि मन्त्रं…

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कलियुग में समाज की गिरती हुई प्रभुता और मूल्यों का चित्रण करता है। इसमें कहा गया है कि केवल बाहरी दिखावा है _विजय कुमार शुक्ला उत्तरप्रदेश

लिङ्‌गं एवाश्रमख्यातौ अन्योन्यापत्ति कारणम् ।अवृत्त्या न्यायदौर्बल्यं पाण्डित्ये चापलं वचः ॥ यह श्लोक कलियुग में समाज की गिरती हुई प्रभुता और…

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