ॐ कालान्तकाय नमः ॐ परमेश्वराय नमः
ना बताना जरूरी है– ना जताना जरूरी है– बस रिश्तों को दिल से निभाना जरूरी है। मनुष्य ना टूटता है, ना बिखरता है, बस थक जाता है, कभी स्वयं से, कभी भाग्य से। तो कभी कभी अपनों से, लेकिन धैर्य मनुष्य को सफल बनाता है।
अहंकार दिखाकर किसी रिश्ते को तोड़ने से कही अच्छा है कि क्षमा मांगकर उस रिश्ते को निभाया जाये। जब जल गन्दा हो तो उसे हिलाते नहीं, बल्कि शान्त छोड़ देते हैं, जिससे गन्दगी अपने आप नीचे बैठ जाती जाती है।
जीवन में परेशानी आने पर बेचैन होने के बजाय शान्त रहकर विचार करें। हल जरूर निकलेगा। मंजिल इंसान के हौसले आजमाती है, सपनों के परदे आंखों से हटाती है।
11) जय श्रीराम दयालु। भक्तों के रखवालु।
12) रघुवीर बलधारी। भक्तों के आप रखवाले।
















Leave a Reply