“गैंगस्टर”
और सच में, जवान स्टालिन का अतीत गैंगस्टर जैसा ही था।
1. बैंक डकैती से शुरुआत
1907 में तिफ्लिस बैंक डकैती – स्टालिन ने प्लान बनाई थी। दिन-दहाड़े 3.4 लाख रूबल लूटे गए। 40 लोग मरे थे उस हमले में। पैसा लेनिन की पार्टी के लिए गया।
स्टालिन खुद बम फेंकने वालों के साथ था। पुलिस रिकॉर्ड में नाम “कोबा डाकू” था।
2. फिरौती, ब्लैकमेल सब किया
- अमीर लोगों को किडनैप करके पैसा वसूलना
- तेल व्यापारियों से “हफ्ता” लेना
- जो पार्टी को पैसा न दे, उसकी फैक्ट्री में आग लगवा देना
लेनिन भी जानता था – “हमें पैसा चाहिए, स्टालिन लाकर देगा”। उसे पार्टी का “खजांची-गुंडा” कहते थे।
3. 7 बार जेल, 6 बार भागा
1902 से 1913 के बीच ज़ार की पुलिस ने 7 बार पकड़ा। साइबेरिया भेजा। पर हर बार भाग निकला। जेल में भी गैंग बनाकर राज करता था।
4. फिर “गैंगस्टर से तानाशाह” बन गया
1924 में लेनिन मरा। 1929 तक स्टालिन ने सारे विरोधी निपटा दिए – ट्रॉट्स्की को देश से निकाला, बाकी को गोली मरवा दी।
फिर 1930-1953 तक 3 करोड़ लोग मरे – अकाल, जेल कैंप, गोली से। इसे “Great Purge” कहते हैं।
तो क्या गैंगस्टर था?
जवानी में: 100% गैंगस्टर। डकैती, हत्या, फिरौती – सब किया।
सत्ता में आने के बाद: गैंगस्टर से भी खतरनाक – पूरे देश को जेल बना दिया। गैंगस्टर 10-20 मारता है, स्टालिन ने करोड़ों मरवा दिए।
स्टालिन के पास दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता थी, पर रात को 4 बजे तक जागता था – डर से। दोस्त नहीं, सिर्फ दुश्मन। 1953 में अकेला मरा, लाश 2 दिन पड़ी रही।
गैंगस्टर का अंत बुरा ही होता है – चाहे गली का हो या देश का
स्टालिन का जन्म 18 दिसंबर 1878 को जॉर्जिया के गोरी शहर (रूसी साम्राज्य) में एक अत्यंत साधारण परिवार में हुआ था। उनका असली नाम जोसेफ विसारियोनोविच जुगाश्विली था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता एक मोची थे और माँ कपड़े धोने का काम करती थीं। बचपन में उन्हें बहुत यातनाएं सहनी पड़ीं, जिससे उनका स्वभाव कठोर हो गया।
















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