सुखी जीवन का रहस्य
अपनों को हराकर आप कभी नहीं जीत सकते, अपनों से हारकर ही आप उन्हें जीत सकते हैं। जो टूटे को बनाना और रूठे को मनाना जानता है, वही तो समझदार है। वर्तमान समय में परिवारों की जो स्थिति हो गयी है वह अवश्य चिन्तनीय है।
रिश्तों की मजबूती के लिये हमें सुनाने की ही नहीं अपितु सुनने की आदत भी डालनी पड़ेगी। माना कि आप सही हैं मगर परिवारिक शान्ति बनाये रखने के लिये बेवजह सुन लेना भी कोई जुर्म नहीं।
आज हर कोई अधिकार की बात कर रहा है लेकिन कोई कर्तव्य की बात नहीं कर रहा। आप अपने कर्तव्य का पालन करो, प्रतिफल मत देखो। जिन्दगी की खूबसूरती ये नहीं कि आप कितने खुश हैं, अपितु ये है कि आपसे कितने खुश हैं।
जय श्री कृष्ण















