ହରିଶୟନ ବା ପଦ୍ମା ଏକାଦଶୀ// ହରିଶୟନ ଏକାଦଶୀ’ ଦିନ ଭଗବାନଙ୍କ ଗୋଟିଏ ସ୍ୱରୂପ ରାଜା ବଳିଙ୍କ ପାଖରେ ରହେ ଓ ଅନ୍ୟଟି କ୍ଷୀର ସାଗରରେ ଶେଷନାଗ ଶଯ୍ୟାରେ ଆଗାମୀ କାର୍ତ୍ତିକ ଏକାଦଶୀ ଆସିବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଶୟନ କରେ

ll ହରିଶୟନ ବା ପଦ୍ମା ଏକାଦଶୀ l l ଫଳଂ ମହାକ୍ରତୂନାଂ ଯତ୍ ତୀର୍ଥାନାଂ ଫଳମୁତ୍ତମମ୍।ଦାନାନାଂ ତପସାଞ୍ଚୈବ ସାତ୍ତ୍ୱିକାନାଞ୍ଚ ଯତ୍ ଫଳମ୍।ଏକୟା ବିଷ୍ଣୁଭକ୍ତ୍ୟା ତତ୍ସମଗ୍ରଂ ଫଳମଶ୍ନୁତେ। -ସ୍କନ୍ଦପୁରାଣ-ଶ୍ରୀପୁରୁଷୋତ୍ତମକ୍ଷେତ୍ରମାହାତ୍ମ୍ୟମ୍‌,…

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संसार में संत//संत और संसारी के बीच का जो भेद होता है, वह कर्मगत नहीं अपितु भावगत होता है_ विजय कुमार शुक्ला उत्तरप्रदेश

संसार में संत चिंता संत और संसारी दोनों के मन में होती है पर संत परमार्थ के लिए चिंतित रहता…

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भारतीय परंपरा में तिलक केवल धार्मिक प्रतीक नहीं है_मनीष चन्द्र पाण्डे अयोध्या उत्तरप्रदेश

तिलककेप्रकारएवंमहत्व भारतीय सनातन संस्कृति में तिलक केवल माथे पर लगाया जाने वाला एक चिह्न नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, आध्यात्मिकता,…

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दृष्टि उठाकर जिधर भी देखिए उधर ही शत्रुओं से जीवन घिरा हुआ प्रतीत होगा। जीवन एक प्रकार का संग्राम है। इसमें बड़ी-बड़ी में विपरीत परिस्थितियों से, कठिनाइयों से लड़ना पड़ता है।

।।आषाढ़ शुक्लपक्ष पंचमी ‼️ऋषि चिंतन ‼️ ।।शक्ति की आवश्यकता क्यों ?।।जीवन एक प्रकार का संग्राम है। इसमें बड़ी-बड़ी में विपरीत…

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हेरा पंचमी// हेरा पंचमी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से क्या संबंध है,

हेरा पंचमी ‘हेरा’ का अर्थ है देखना या निहारना और ‘पंचमी’ का आशय है पांचवां दिन. अर्थात हिंदू मान्यताओं के…

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