मंगल निधि महादेव
भगवान महादेव जैसा परमार्थी और वैरागी कोई दूसरा देव नहीं है।
भगवान शिव की करुणा तो देखिए,एक भक्त की पुकार पर माँ गंगा के अति तीव्र वेग को भी सहर्ष अपने मस्तक पर सह लेते हैं।
गंगा को जटाओं में धारण करते हैं पर बाद में लोक कल्याण की भावना से मुक्त भी कर देते हैं।दुनिया का नियम यह है,कि यहाँ पर हर आदमी दूसरों से पाना तो बहुत कुछ चाहता है लेकिन बाँटना नहीं चाहता।
लोक कल्याण एवं लोक मंगल के लिए बाँटना हम सबको भगवान शिव के जीवन से सीखना चाहिए।भगवान शिव किसी से लेते भी हैं तो और अधिक देने के लिए ही लेते हैं।
चाहे हमारी कितनी ही प्यारी वस्तु क्यों न हो लेकिन आवश्यकता पड़ने पर जैसे भगवान शिव ने माँ गंगा को मुक्त किया ऐसे ही दूसरों के कल्याण की भावना से हमें भी उस वस्तु का परित्याग करना ही चाहिए।लोक मंगल के लिए किया गया प्रत्येक कार्य शिव पूजन ही तो है।
🙏शुभ श्रावण मास
















Leave a Reply