हर एक कदम हर एक प्रसंग
हर एक परिस्थिति एक पाठशाला है
प्रशंसा को हमेशा विनम्रता से
स्वीकार करें और आलोचना पर
गम्भीरता से विचार करें
अपनो के लिए फिक्र
दिल में होती हैं शब्दों में नहीं
और अपनो के लिए गुस्सा
शब्दों में होता हैं दिल में नहीं
बिना स्वार्थ किसी का भला करके
देखिये आपकी तमाम उलझने
ऊपर वाला सुलझा देगा
आत्मा तो हमेशासे जानती ही है
कि सही क्या है और गलत क्या है
चुनौती तो सिर्फ मन को
समझाने की होती है
चन्द्रचूड़ शिवशंकर पार्वती रमणाणी लागे नमो नमो
आज जो नये पत्ते पुराने पत्तो पर हँस रहे थे, समय बदला तो वे भी जमीन पर गिर पड़े। बुलंदी पर पहुँचकर जो जमीन वालो को छोटा समझते है, वो अक्सर भूल जाते हैं कि हर उड़ान का अंत आखिर जमीन पर ही होता हैं।
समय की आंधी जब चलती हैं, तो क्या नया और क्या पुराना, सब एक ही जमीन पर एक साथ गिरे हुये मिलते हैं। अपनी प्रतिष्ठा से ज्यादा अपने चरित्र की चिंता करो, क्योंकि आपका चरित्र वही है जो आप वास्तव में हैं, जबकि आपकी प्रतिष्ठा केवल वही है जो दूसरे सोचते हैं।
मूल मूल्यों का पालन करते हुये अच्छे इंसान बनें तो आप चरित्रवान बन जाओगे। मेहनत का फल मुसीबत का हल और आने वाला कल, सब ईश्वर के हाथ मे है। उम्मीद कभी संसार से नही, संसार को रचने वाले से रखनी चाहिये।
(35) हर हर महादेव। भक्तों के सदा सहायक।
(36) शिव नाम है सुखकारी। मिटे दु:ख भारी।
















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