दिनांक: गुरु पूर्णिमा, 2026
स्थान: चिरोडीह, रिखिया रोड, देवघर, झारखण्ड
देवघर : प्रभाष गुप्ता (दर्शन समीक्षा)
गुरु पूर्णिमा पर संपन्न हुआ राष्ट्रीय सद्गुरु कबीर पंथ संत सम्मेलन
“कथनी-करनी में समानता वाले गुरु का करें वरण” – संतों का आह्वान
झारखण्ड प्रदेश के देवघर नगरी के रिखिया रोड स्थित चिरोडीह सद्गुरु कबीर धर्म दास आश्रम के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्व कबीर दिब्य ज्योति धर्म सेवा संस्थान के तत्वाधान में राष्ट्रीय दो दिवसीय सद्गुरु कबीर पंथ संत सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सम्मेलन की अध्यक्षता संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुधीर पासवान ने की।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन आचार्य महंथ ब्रजेश मुनि, आचार्य महंथ मनभंग शास्त्री जी एवं संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य महंथ धर्म दास साहेब ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन के पश्चात तीनों संतों ने संयुक्त रूप से कहा कि “प्रत्येक मनुष्य को वैसे गुरु का वरण करना चाहिए जिसकी कथनी और करनी में समानता हो।”
मुख्य अतिथि संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक महंथ डॉ. राजकुमार आजाद ने कहा कि “जिस प्रवचनकर्ता की कथनी और करनी में समानता होती है, उसकी जिह्वा पर सरस्वती का वास हो जाता है। उसके बोलने मात्र से असंभव संभव तथा असाध्य साध्य हो जाता है।”
मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ के महंथ टकसाल साहेब ने कहा कि “सभी गुरु, सद्गुरु, देवी-देवता ने क्रोध न करने का उपदेश दिया, लेकिन स्वयं क्रोध का वरण किया। जबकि सद्गुरु सर्व समर्थवान रहते हुए भी बावन तरह का कष्ट सहने के बाद भी क्रोध का वरण नहीं किया।”
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथिगण महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पूनम आजाद, सिलीगुड़ी के महंथ नरसिंघ साहेब, महंथ शशि भूषण दास, महंथ महेंद्र दास, महंथ हरेराम दास, संतोष कबीरपंथी, साध्वी जानकी दासीन, साध्वी चंद्र बिंदु, प्राचार्य श्याम सुंदर दास, राजगीर के महंथ सुरेश दास, प्रवक्ता बृज भूषण राम सहित अनेक संतों एवं महंथों ने अपने प्रवचन और भजनों से आध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया।
सम्मेलन में झारखण्ड के सभी जिलों से संत, महंथ, प्रवचनकर्ता एवं भजन उपदेशक उपस्थित हुए।
कार्यक्रम के अंत में गया के महंथ डॉ. अशोक साहेब ने सभी अतिथियों को पुष्पों की माला पहनाकर एवं चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया।
स्वागताध्यक्ष चिरोडीह के पूर्व मुखिया अमर पासवान ने सभी श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके आत्मीय स्वागत से सभी श्रद्धालु गौरवान्वित महसूस करते हुए विदा हुए।
जय सद्गुरु कबीर साहेब
भवदीय
अमर पासवान पूर्व मुखिया, चिरौडीह, देवघर।।












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