जापान के वैज्ञानिकों ने टोक्यो से करीब 360 किलोमीटर दूर समुद्र में 700 मीटर (लगभग 2,300 फीट) की गहराई में ‘अदृश्य सोने’ का बहुत बड़ा भंडार खोजा है। यह सोना ‘फूल्स गोल्ड’ नामक पत्थर के अंदर परमाणु स्तर पर छिपा है, जिसे निकालना एक बड़ी चुनौती ह
इस ऐतिहासिक समुद्री खोज और ‘अदृश्य सोने’ के बारे में पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
खोज की जगह: यह खजाना हिगाशी-आओगाशिमा काल्डेरा (Higashi-Aogashima Caldera) नामक पानी के नीचे डूबे ज्वालामुखी क्षेत्र में मिला है।
यह सोना अदृश्य क्यों है? यह सोना सामान्य आंखों या साधारण माइक्रोस्कोप से दिखाई नहीं देता है, क्योंकि यह ‘पाइराइट’ (Pyrite) नामक खनिज के अंदर परमाणु के स्तर पर छिपा हुआ है। पाइराइट को चमकदार होने के कारण अक्सर ‘फूल्स गोल्ड’ कहा जाता है
कैसे हुई खोज? समुद्र तल पर मौजूद ज्वालामुखी के गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोतों (Hydrothermal Vents) से लगातार खनिज निकलते हैं। वैज्ञानिकों ने रोबोटिक पनडुब्बियों की मदद से इन चट्टानों के सैंपल निकाले और ‘सेकेंडरी-आयन मास स्पेक्ट्रोमेट्री’ (Secondary-ion mass spectrometry) तकनीक से जांच की।
कितना सोना है? वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पानी के नीचे मौजूद क्रेटर (गड्ढे) में सोने का स्तर दुनिया भर में दर्ज किए गए अब तक के सभी भंडारों में सबसे ज्यादा है।
जापान //360 किलोमीटर दूर समुद्र में 700 मीटर (लगभग 2,300 फीट) की गहराई में ‘अदृश्य सोने’ का बहुत बड़ा भंडार मिला












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