कोलकाता के छोटे से बालक अभय (जो बाद में श्रील प्रभुपाद के रूप में प्रसिद्ध हुए) ने अपने पिता से रथ यात्रा निकालने की इच्छा जताई थी। एक वृद्ध बंगाली महिला द्वारा छोटा रथ भेंट किए जाने पर, उन्होंने मोहल्ले के बच्चों के साथ हैरिसन रोड पर ऐतिहासिक रथ यात्रा निकाली थी।
बालक अभय द्वारा निकाली गई यह पहली रथ यात्रा आज के समय में कितनी खास है और आप कैसे इसमें शामिल हो सकते हैं:
ऐतिहासिक शुरुआत: जब रथ बहुत महंगे थे, तब छोटे से

अभय ने आंखों में आंसू देखकर मिली एक वृद्ध महिला की मदद से लगभग तीन फुट ऊंचे पुराने रथ को सजाकर ‘हरिनाम संकीर्तन’ और भोग के साथ यात्रा निकाली
आधुनिक उत्सव: उसी प्रेरणा से, आज भी कोलकाता की गलियों में बच्चे डेढ़-दो फीट ऊंचे रथों को सजाकर और राहगीरों से फूल-प्रसाद के लिए चढ़ावा मांगकर बेहद उत्साह से रथ यात्रा मनाते हैं।
भव्य आयोजन: इस्कॉन कोलकाता (3जी, अल्बर्ट रोड) द्वारा हर साल भव्य रथयात्रा निकाली जाती है, जो सरत बोस रोड, एक्साइड क्रॉसिंग, और हाजरा रोड होते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड तक जाती है।












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