इंसान को ईश्वर कि माया के बारे में पता नहीं होता
माया क्या है और यह इंसानों से क्यों छिपी रहती है?
भ्रम और आवरण: माया ईश्वर की एक ऐसी अद्भुत शक्ति है, जो जो नहीं है उसे दिखाती है और जो सबसे वास्तविक (ईश्वर) है उसे छुपा लेती है।
शरीर और अहंकार की पहचान:
माया इंसान को यह विश्वास दिलाती है कि यह नश्वर शरीर, मन, बुद्धि, पद और रिश्ते ही सब कुछ हैं, जबकि असली सत्य ‘आत्मा’ है।
ईश्वर माया के स्वामी हैं:
वेदांत के अनुसार, ईश्वर माया से भ्रमित नहीं होते क्योंकि वे माया के स्वामी हैं, लेकिन साधारण जीव (इंसान) अज्ञान, मोह, लोभ और अहंकार के कारण इसके जाल में बंध जाता है।
मोक्ष का मार्ग:
जब तक इंसान का मन संसार और भौतिक सुखों में आसक्त रहता है, वह माया के बंधन में रहता है। ध्यान, ज्ञान और सच्चे आत्मबोध (भक्ति) के जरिए ही इस माया के पर्दे को हटाया जा सकता है।















