उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में समय-समय पर कई रहस्यमयी गुफाएं और सुरंगें मिली हैं।
हाल ही में पौड़ी गढ़वाल के कोर्ट ब्लॉक (गढ़खेत) में और पिथौरागढ़ के थल-मुनस्यारी मार्ग व सेलीपाख क्षेत्रों में ऐसी प्राचीन गुफाएं और सुरंगनुमा संरचनाएं खोजी गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनमें से कई संरचनाएं प्रागैतिहासिक काल या कत्यूरी शासनकाल के सैन्य मोर्चों से जुड़ी हो सकती हैं। इसके अलावा, पिथौरागढ़ का प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर भी अपनी रहस्यमयी और अलौकिक भूमिगत संरचना के लिए देश-विदेश में जाना जाता है

प्रमुख डरावनी जगहें
लंबी देहर माइंस (मसूरी): इसे ‘मौत की खदान’ भी कहा जाता है। 1990 के दशक में यहाँ चूना पत्थर की खदान में काम करने वाले करीब 50,000 मजदूरों की फेफड़ों की बीमारी से दर्दनाक मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि रात में यहाँ से चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें आती हैं।
एब्बे बंगला (लोहाघाट, चंपावत): एबट पहाड़ी पर स्थित यह पुराना बंगला एक ब्रिटिश डॉक्टर से जुड़ा है। कहा जाता है कि वह डॉक्टर यहाँ मरीजों की मौत की भविष्यवाणी करता था। आज भी आसपास के लोगों को यहाँ अजीब और डरावनी आवाज़ें सुनाई देती हैं।
सैवॉय होटल (मसूरी): 1902 में बना यह ऐतिहासिक होटल एक अनसुलझी हत्या के रहस्य के लिए जाना जाता है। यहाँ एक ब्रिटिश महिला की मौत के बाद उसकी आत्मा के भटकने का दावा किया जाता है।
परी टिब्बा (मसूरी): इसे ‘परियों की पहाड़ी’ कहते हैं। यहाँ अक्सर आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं और पेड़ों पर उसका असर साफ दिखाई देता है।











