जीवन को इतना शानदार बनाओ की आपको याद करके किसी निराश व्यक्ति की आँखों में भी चमक आ जाए
जब तक साँस है
टकराव मिलता रहेगा।
जब तक रिश्ते हैं
घाव मिलता रहेगा।
पीठ पीछे जो बोलते हैं
उन्हें पीछे ही रहने दो।
अगर हमारे कर्म
भावना और रास्ता सही हैं
तो
गैरों से भी लगाव मिलता रहेगा।
*दिमाग ठंडा हो तो*
फैसले गलत नहीं होते
और भाषा मीठी हो तो
अपने दूर नहीं होते
जीवन में जब भी उलझनें बढ़ने लगें
तो खुद को थोडा ढील दें
क्योंकि
गांठ को खोलने का यही तरीका
सबसे अच्छा है















