. आज का मीठा मोती
जीवन एक खुशी की दुकान है, जिसमें खुशी देनेवाले अनेक समान है पर बुद्धिमान वह है जो उनमें से खुशी देनेवाले समान चुनता है।ओम शांति और दिव्य आत्मन
ये जरूरी नहीं कि पुनर्जन्म के लिये
शरीर ही त्यागा जाए ….
कई बार विचारों में परिवर्तन से भी
पुनर्जन्म हो जाता है …
ज़ुबान से फैलाई गई मुसीबतों का जायज़ा लिया जाये, तो पता चलेगा कि ख़ामोशी कितनी बड़ी ईश्वरीय देन है…।
अगर आप खुश नहीं हैं तो..
संपत्ति, उपलब्धि, पैसा, प्रतिष्ठा, सम्मान, यह कुछ भी मायने नहीं रखता
हम उस समाज में जी रहे हैं…
जहां किसी का बुरा वक़्त…
लोगों के लिए…
मनोरंजन बन जाता है…!!
















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