Edwin Lutyens//साल 1912 में एडविन लुटियंस दिल्ली में बोले थे सिर्फ दो मंजिल इमारते बनाओ, ज्यादा ऊंचाई नहीं

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एडविन लुटियंस (Edwin Lutyens) और नई दिल्ली का निर्माण:
जब ब्रिटिश आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर एडविन लुटियंस ने 1912 के बाद नई दिल्ली (लुटियंस दिल्ली) का नक्शा तैयार किया था, तो उन्होंने वैज्ञानिक और भूगर्भीय (Geological) कारणों से इस क्षेत्र में इमारतों की ऊंचाई को सीमित रखने की सिफारिश की थी। चूंकि दिल्ली भूकंप के प्रति संवेदनशील सीस्मिक जोन 4 (Seismic Zone IV) में आती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से लुटियंस जोन के रिहायशी इलाकों में मुख्य रूप से केवल दो मंजिल (Ground + 1 या अधिकतम Barsati floor) बनाने की ही अनुमति दी गई थी।
इस कहानी की शुरूआत साल 1911 से होती है जब लुटियंस दिल्ली बनाने का फैसला होता है. किंग जॉर्ज V और उनकी रानी भारत दौरे पर आए हुए थे. उस समय देश की राजधानी कोलकाता हुआ करती थी और इसे दिल्ली लाने का फैसला हुआ. इसकी जिम्मेदारी सर एडविन लुटियन को दी गई. इसके बाद 20 साल में राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, इंडिया गेट बना तो इसके साथ लुटियंस बंगला जोन भी बनाया गया. इसमें 26 किमी. का एक एरिया शामिल किया गया जिसमें लुटियंस बंगला जोन बनाया गया. इसमें करीब 1 हजार बंगले हैं जिसमें से कुछ प्राइवेट प्रॉपर्टी भी हैं.

1911 से लेकर 2015 तक कितना बदला एलबीजेड

साल 2015 में भारत सरकार की दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलाके का एक विवरण दिया गया, जिसमें बताया गया कि दिल्ली लुटियंस का असली इलाका 19.12 स्वायर किमी. में फैला था. इसके बाद साल 1988 में ये इलाका बढ़कर 25.88 स्वायर किमी. तक फैल गया. वहीं साल 2003 में लुटियंस बंगला जोन बढ़कर 28.73 स्वायर किमी. में बदल गया. इसके बाद साल 2015 में इसी इलाके को 23.60 स्वायर किमी. में बदलने का प्रस्ताव रखा गया.