सर आइजैक न्यूटन
1. जन्म और बचपन
- जन्म: 4 जनवरी 1643, वूल्सथोर्प, इंग्लैंड में। पिताजी का जन्म से पहले ही निधन हो गया था।
- वे बहुत कमजोर पैदा हुए थे, माँ ने कहा था कि वे एक मग में समा सकते थे।
- माँ ने दूसरी शादी कर ली और न्यूटन को नानी के पास छोड़ दिया। इसी अकेलेपन ने उन्हें अंतर्मुखी बना दिया।
- स्कूल में शुरू में बहुत कमजोर छात्र थे, फिर एक लड़के से झगड़ा होने पर उन्होंने सोचा “पढ़ाई में हराऊंगा” और पहले नंबर पर आ गए।
2. कैम्ब्रिज और चमत्कारी 2 साल
- 1661 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी गए। वहाँ नौकर की तरह काम करके पढ़ते थे।
- 1665 में प्लेग फैल गया, यूनिवर्सिटी 2 साल बंद हो गई। न्यूटन वापस गांव आ गए।
- ये 2 साल इतिहास के सबसे बड़े 2 साल हैं। 23 साल के लड़के ने अकेले में 3 खोजें कर दीं:
- कैलकुलस (Calculus) – गणित की नई शाखा
- गुरुत्वाकर्षण (Gravity) – सेब वाली कहानी इसी समय की है
- प्रकाश का सिद्धांत (Optics) – सफेद रोशनी में 7 रंग होते हैं
3. मुख्य खोजें

a) गुरुत्वाकर्षण और गति के नियम – 1687 में किताब Principia
इस किताब को विज्ञान की सबसे महान किताब मानते हैं।
- पहला नियम: कोई चीज चल रही है तो चलती रहेगी, रुकी है तो रुकी रहेगी
- दूसरा नियम: F = ma (बल = द्रव्यमान x त्वरण)
- तीसरा नियम: हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है
- और बताया कि जो सेब को नीचे गिराता है, वही चाँद को धरती के चारों ओर घुमाता है
b) प्रकाश – Optics
- प्रिज्म से दिखाया कि सफेद रोशनी 7 रंगों से बनती है
- पहला परावर्तक टेलीस्कोप (Reflecting Telescope) बनाया, जो आज भी NASA इस्तेमाल करती है
c) गणित – Calculus
- बिना कैलकुलस के आज कोई रॉकेट, कोई मोबाइल नहीं बन सकता
4. व्यक्तित्व – क्यों अजीब थे?
- कभी शादी नहीं की, जीवन भर अकेले रहे
- बहुत गुस्सैल और शक्की स्वभाव। वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक से 20 साल झगड़ा किया कि “खोज मेरी है”
- बहुत धार्मिक थे। विज्ञान से ज्यादा समय बाइबल और कीमिया (सोना बनाने की विद्या) पर लगाया
- उन्होंने बाइबल से गणना करके बताया था कि दुनिया 2060 से पहले खत्म नहीं होगी
- अपना पैसा भी कीमिया में सोना बनाने में बर्बाद कर दिया
5. मानसिक संकट – 1693
- 50 साल की उम्र में 18 महीने का गहरा डिप्रेशन
- नींद उड़ गई, दोस्तों पर शक, किसी से बात नहीं
- कारण – ज्यादा काम, अकेलापन, और पारे के साथ प्रयोग करने से जहर
6. अंतिम समय
- 1696 में इंग्लैंड के टकसाल (Royal Mint) के अध्यक्ष बने। नकली सिक्के बनाने वालों को खुद पकड़ते थे
- 1705 में महारानी ने उन्हें “सर” की उपाधि दी – विज्ञान के लिए नाइटहुड पाने वाले पहले व्यक्ति
- 20 मार्च 1727 को 84 साल की उम्र में लंदन में निधन
- उन्हें वेस्टमिंस्टर एब्बे में राजाओं के बगल में दफनाया गया
7. अंतिम शब्द
मरने से पहले उन्होंने कहा था:
“मैं नहीं जानता दुनिया मुझे कैसे देखती है, लेकिन मैं खुद को समुद्र किनारे कंकड़ बीनते हुए एक बच्चे जैसा समझता हूँ, जबकि सत्य का पूरा महासागर मेरे सामने अनजाना पड़ा है।”
जी, यही विनम्रता उन्हें सबसे महान बनाती है। वे दुनिया के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति थे, फिर भी खुद को बच्चा मानते थे।











