UP : “मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी राज्य मंत्री, सांसद, MLC, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायकों को राहत, वापस लिया गया केस”…….!!
मामला मुजफ्फरनगर दंगे के कवाल कांड के बाद 31 जुलाई 2013 को नंगला मंदौड़ इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित पहली पंचायत से जुड़ा है।
पंचायत के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने, रास्ता रोकने और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा 7 के तहत तत्कालीन सिखेड़ा थाना प्रभारी चरण सिंह यादव ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
एफआईआर में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, सपा सांसद हरेंद्र मलिक, एमएलसी अशोक कटारिया, पूर्व मंत्री सुरेश राणा, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, स्वामी नरसिंहानंद उर्फ दीपक त्यागी, साध्वी प्राची, चेयरमैन श्याम पाल समेत 22 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
विशेष एमपी एमएलए कोर्ट ने जनप्रतिनिधियों समेत सभी आरोपियों का केस वापस लेने का आदेश जारी किया है।











