केरल के कोट्टायम जिले के चंगनासेरी में एक अनोखी शादी हुई, जिसमें जुड़वा भाइयों (अखिल और निखिल) ने जुड़वा बहनों (मागी और मारिया) से शादी की। इस विवाह की सबसे खास बात यह थी कि रस्में कराने वाले पादरी (फादर ऐंटो और फादर अजो) भी जुड़वा भाई ही थे।
शादी की मुख्य बातें
दूल्हे: अखिल के. थॉमस और निखिल के. थॉमस (मर्चेंट नेवी में कार्यरत)
दुल्हनें: मागी मैरी थॉमस और मारिया मैरी थॉमस (आईटी क्षेत्र में कार्यरत)
स्थान: चंगनासेरी मेट्रोपॉलिटन चर्च, कोट्टायम, केरल
पादरी: फादर ऐंटो और फादर अजो पेझुमकाटिल
यह अनोखा समारोह तब और विशेष बन गया, जब जुड़वां पादरियों ने विवाह की रस्में संपन्न कराईं और जुड़वां सहायकों ने उनकी सहायता की।
दोनों परिवारों के लिए यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए गए एक सपने का पूरा होना था।
दूल्हे अखिल और निखिल, चंगनासेरी के वेट्टुपरम्बिल निवासी कुंजुमोन थॉमस और जोमोल के जुड़वां बेटे हैं।
दुल्हनें मैगी और मारिया, पत्तनमथिट्टा जिले के कुलाथूर स्थित कुंबुलुवेलिल निवासी टोमिचन और मैरीकुट्टी की जुड़वां बेटियां हैं।
इस अवसर को और खास बनाने वाले जुड़वां पादरी – कंजीरापल्ली डायोसिस के फादर एंटो पेजुमकाट्टिल और फादर अजो पेजुमकाट्टिल थे, जिन्होंने विवाह की रस्में संपन्न कराईं। उनकी सहायता पाला के जुड़वां भाइयों जेरोन जेम्स और जोहोन जेम्स ने की।
हर महत्वपूर्ण भूमिका में जुड़वां लोगों को शामिल करने का विचार संयोग नहीं था।
जुड़वां बहनों ने स्वयं जुड़वां पादरियों की तलाश की और आखिर में उन्हें यहां कोथानल्लूर स्थित एक गिरजाघर के माध्यम से ढूंढ निकाला, जो जुड़वां लोगों के आयोजनों के लिए प्रसिद्ध है।
बहनों ने कहा, ‘‘बचपन से ही हमारा सपना था कि हमारी शादी जुड़वां लोगों से घिरी हुई हो। हमारे माता-पिता और परिवार की भी यही इच्छा थी। यीशु मसीह ने इसे पूरा कर दिया। जब हमने पादरियों को आमंत्रित किया तो उन्होंने तुरंत आने की सहमति दे दी।’
पादरियों ने भी इस समारोह को हमेशा के लिए यादगार बताया। अपने जीवन के अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘दोनों साथ पैदा हुए और अब साथ मिलकर नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। हम दोनों ने भी साथ-साथ पादरी जीवन में प्रवेश किया था। ये बहुत सुंदर यादें हैं।’’
दोनों भाई मर्चेंट नेवी में काम करते हैं, जबकि दोनों बहनें आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं।












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