आज जगन्नाथ जी का स्नान पूर्णिमा//आज के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को 108 कलशों के पवित्र जल से स्नान कराया जाता है, और इसके बाद वे 15 दिनों तक एकांतवास में चले जाते हैं。

Spread the love

जगन्नाथ जी का स्नान पूर्णिमा (जिसे देव स्नान पूर्णिमा भी कहते हैं) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र त्योहार है。 इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को 108 कलशों के पवित्र जल से स्नान कराया जाता है, और इसके बाद वे 15 दिनों तक एकांतवास में चले जाते हैं。
स्नान पूर्णिमा के मुख्य आकर्षण और जुड़ी हुई महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं:
महास्नान: मंदिर के स्वर्ण कुएं से जल निकालकर लाए गए 108 कलशों (घड़ों) से प्रभु का अभिषेक किया जाता है。 भगवान जगन्नाथ को 35, बलभद्र जी को 33, सुभद्रा जी को 22 और सुदर्शन चक्र को 18 कलशों से स्नान कराया जाता है
गजानन वेश (हाथी का श्रृंगार): स्नान के पश्चात तीनों देवताओं को भगवान गणेश के रूप ‘गजानन वेश’ में सजाया जाता है。
अनासार काल: स्नान यात्रा के बाद माना जाता है कि प्रभु को ठंड लग जाती है, इसलिए वे 15 दिनों तक ‘अनासार’ (बीमारी या एकांत) काल में रहते हैं。 इस दौरान गर्भगृह में आम भक्तों के लिए उनके दर्शन बंद रहते हैं और पट्टचित्रों (चित्रित तस्वीरों) की पूजा होती है。
रथयात्रा का आरंभ: स्नान पूर्णिमा ही वह शुभ दिन है जो प्रसिद्ध रथ यात्रा के उत्सवों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *