कैलाश मंदिर महाराष्ट्र का सबसे अद्भुत और रहस्यमयी मंदिर है
1. कहाँ है
- जगह: एलोरा गुफाएँ, छत्रपती संभाजीनगर जिला, महाराष्ट्र
- गुफा नंबर: एलोरा की गुफा नंबर 16
- देवता: भगवान शिव को समर्पित 428d3424
2. क्या खास है – दुनिया का अजूबा
- एक ही चट्टान से बना: दुनिया की सबसे बड़ी मोनोलिथिक संरचना है। इसे किसी पत्थर को जोड़कर नहीं, बल्कि पूरी पहाड़ी को ऊपर से नीचे काटकर बनाया गया है
- साइज: 300 फीट लंबा, 175 फीट चौड़ा, 100 फीट ऊंचा। लगभग 90 फुट ऊंचा
- कैसे बना: ऊपर से नीचे की तरफ तराशा गया। इसके लिए 2-4 लाख टन चट्टान हटाई गई
- बिना सीमेंट-चूने के: इसमें चूना, मिट्टी, गारा कुछ इस्तेमाल नहीं हुआ 428d11713424d3c01392
3. किसने बनवाया
- निर्माता: राष्ट्रकूट वंश के राजा कृष्ण प्रथम
- समय: 8वीं शताब्दी, 756-783 ईस्वी के बीच
- मजदूर: करीब 7000 मजदूरों ने 17-18 साल तक काम किया 428d11711392dcb5
4. मंदिर से जुड़ी कहानी

लोक कथा है कि राजा एलु बहुत बीमार थे। रानी ने मन्नत मांगी कि राजा ठीक हो गए तो शिव मंदिर बनवाएंगी, और तब तक अन्न नहीं खाएंगी जब तक शिखर न देख लें। इसलिए मंदिर ऊपर से नीचे बनाया गया ताकि रानी को ज्यादा भूखा न रहना पड़े 3424
5. अनोखी बातें
- नाम: पहले कृष्णेश्वर था, सफेद रंग की वजह से कैलाश कहा जाने लगा
- पूजा नहीं होती: ये शिव मंदिर है पर यहाँ पारंपरिक पूजा नहीं होती। लोग ध्यान-साधना करते हैं
- डिजाइन: कैलाश पर्वत जैसा बनाया गया है, रथ के आकार का है
- यूनेस्को: 1983 में विश्व धरोहर स्थल घोषित

कैलाश मंदिर भारतीय शिल्पकारों के हुनर का सबसे बड़ा सबूत है। 8वीं सदी में बिना मशीन के इतना सटीक काम – आज के इंजीनियर भी हैरान हैं 1392
















Leave a Reply