जय सीताराम राधेश्याम
अच्छे व्यक्ति को समझने के लिये अच्छा हदय चाहिये ना कि अच्छा दिमाग। क्योंकि दिमाग हमेशा तर्क करेगा और हदय हमेशा प्रेम भाव देखेगा।
जीवन एक किताब की तरह है
किसी पन्ने पर खुशी है
किसी पन्ने पर ग़म है
किसी पन्ने पर उत्साह
लेकिन यदि हम अपने जीवन में पन्ने ही नहीं पलटेंगे, तो कभी जान नही पायेंगे कि अगले पन्ने पर क्या है।
ज़माने से शिकायत न करो बल्कि ख़ुद को बदलो। क्योंकि… पांव को गंदगी से बचाने का तरीक़ा जूता पहनना है, न कि सारे शहर में क़ालीन बिछाना।
रामाय रामभद्राय रामचंद्रया वेधसे – रघुनाथाय नाथाय सीता पतये नम
















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