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Spirituality
वैजयंती माला//वैजयंती माला को चमत्कारी माना गया है जो कमलगट्टे के समान शुभ और लाभकारी होता है। वैजयंती माला भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है,जो लोग लाइफ में कई तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वैजयंती माला जरूर घर में रखना चाहिए और धारण करना चाहिए
darshansamikhya Sep 12, 2025 0

वैजयंती माला को चमत्कारी माना गया है जो कमलगट्टे के समान शुभ और लाभकारी होता है। वैजयंती माला भगवान श्रीकृष्ण…

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स्वरूप बोध ही मानव जीवन के सुख का मूल भी है। जिस प्रकार शीतलता जल का मूल स्वभाव है, उसी प्रकार शांती हमारा भी निज स्वरूप है। इंद्रियों की उच्छृंखलता के कारण ही हम अशांत बने रहते हैं। कपड़ों में चमक साबुन से नहीं आती, साबुन तो केवल उन पर लगी गंदगी को साफ करता है। ऐसे ही शांति भी कहीं बाहर से नहीं मिलेगी, वह तो प्राप्त ही है, बस हम ही अपने स्वरूप को विस्मृत किये हैं
darshansamikhya Sep 11, 2025 0

राधे – राधे ॥ आज का भगवद् चिन्तन ॥ स्वरूप बोध स्वरूप बोध ही मानव जीवन के सुख का मूल…

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श्रीमद् भागवत भाव //संसार का हरेक मनुष्य , चाहे वह किसी भी उम्र का हो , यह तो जानता है , कि मैं मरूँगा तो अवश्य , और मौत कभी भी आ सकती है , लेकिन फिर भी उसकी तैयारी करता हुआ सा दिखाई नहीं देता । यहाँ तक , कि वे बूढ़े भी , जिनके कि पैर कब्र में लटके हुए हैं , वे भी कुछ और कमा लेना चाहते हैं-भाई रामगोपालानन्द , गोयल ,ऋषिकेश
darshansamikhya Sep 10, 2025 0

” आज का श्रीमद् भागवत भाव “★ भागवत कहती है , कि जैसे लोहे – लकडी की बैलगाडी को खींचने…

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माता पिता को छोड़ कर दुनिया के हर रिश्ते में किसी न किसी तरह का स्वार्थ छिपा होता है।कहा जाता है, ” वक़्त अपना पराया की पहचान करा देता है”।
darshansamikhya Sep 9, 2025 0

“हम सभी जानते हैं, ” जा पर कृपा राम की होइ, ता पर कृपा करे सब कोई”। अर्थात् इस दुनिया…

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ग्रहों के छह प्रकार के बल:ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनके बल का अध्ययन फलित ज्योतिष के मूल आधारों में से एक है। ग्रहों का प्रभाव उनके बल पर निर्भर करता है, और ये बल उनके स्थान, दिशा, समय, स्वभाव, गति, और दृष्टि जैसे विभिन्न कारकों से निर्धारित होते हैं-manish chandra pandey..ayodhya
darshansamikhya Sep 8, 2025 0

“ग्रहों के छह प्रकार के बल: एक ज्योतिषीय शोधप्रबंध” ✓•प्रस्तावना: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनके बल का…

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पंचामृत’ और ‘चरणामृत’ में क्या अंतर है//कोई भी धार्मिक अनुष्ठान हो या पूजा-पाठ, प्रसाद रूप में पंचामृत और चरणामृत जरूर बनाए जाते हैं। इन दोनों का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा होता है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भी कृष्ण लला को पंचामृत और पंजीरी का भोग लगाया जाता है।
darshansamikhya Sep 7, 2025 0

‘पंचामृत’ और ‘चरणामृत’ में क्या अंतर है? कोई भी धार्मिक अनुष्ठान हो या पूजा-पाठ, प्रसाद रूप में पंचामृत और चरणामृत…

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କୃଷ୍ଣଙ୍କ ୧୬୦୦୦ ପତ୍ନୀ – କଥାର ସତ୍ୟତା//ଆଜିକାଲି ଅନେକ ଲୋକଙ୍କର ଭୁଲ ଧାରଣା ଅଛି ଯେ କୃଷ୍ଣଙ୍କର ୧୬୦୦୦ ସ୍ତ୍ରୀ ଥିଲେ। କାରଣ ସେମାନେ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ କଥା ଜାଣିବା ପରିବର୍ତ୍ତେ କେବଳ କଥାଟିର କିଛି ଅଂଶ ପଢ଼ନ୍ତି।
darshansamikhya Sep 6, 2025 0

କୃଷ୍ଣଙ୍କ ୧୬୦୦୦ ପତ୍ନୀ – କଥାର ସତ୍ୟତା ଆଜିକାଲି ଅନେକ ଲୋକଙ୍କର ଭୁଲ ଧାରଣା ଅଛି ଯେ କୃଷ୍ଣଙ୍କର ୧୬୦୦୦ ସ୍ତ୍ରୀ ଥିଲେ। କାରଣ ସେମାନେ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ…

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मनुष्य की आधी सुंदरता उसकी वाणी में छुपी होती है वाणी में अद्भुत शक्ति होती है,ताकतवर शरीर भी एक दिन ढल जाएगा पद प्रतिष्ठा और संपति भी एक दिन नष्ट हो जाएगा लेकिन एक अच्छे इंसान का स्वभाव गुण कर्म और वाणी हमेशा के लिए वैसा ही रहता है
darshansamikhya Sep 5, 2025 0

मनुष्य की आधी सुंदरता उसकी वाणी में छुपी होती है वाणी में अद्भुत शक्ति होती हैकड़वा बोलने वाले का शहद…

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କାହିଁକି କୁହାଯାଏ ଏକାଦଶୀ ବ୍ରତକୁ ସମସ୍ତ ବ୍ରତର ରାଜା ବୋଲି,ବୈକୁଣ୍ଠଧାମକୁ ପ୍ରାପ୍ତ କରାଇବା, ଭୋଗ ଓ ମୋକ୍ଷ ପ୍ରଦାନ କରିବା ଏବଂ ସମସ୍ତ ପାପକୁ ନାଶ କରିବାର ଶକ୍ତି ଏକାଦଶୀ ବ୍ରତରେ ଅଛି। ଏହି କାରଣରୁ ଏକାଦଶୀ ବ୍ରତକୁ “ବ୍ରତମାନଙ୍କ ରାଜା” କୁହାଯାଏ
darshansamikhya Sep 4, 2025 0

କାହିଁକି କୁହାଯାଏ ଏକାଦଶୀ ବ୍ରତକୁ ସମସ୍ତ ବ୍ରତର ରାଜା ବୋଲି। ବୈକୁଣ୍ଠଧାମକୁ ପ୍ରାପ୍ତ କରାଇବା, ଭୋଗ ଓ ମୋକ୍ଷ ପ୍ରଦାନ କରିବା ଏବଂ ସମସ୍ତ ପାପକୁ ନାଶ…

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तन्त्र – एक गूढ़ रहस्य//तन्त्र कोई चमत्कार नहीं, यह स्वयं को प्रकृति के पार ले जाने की साधना है।जिसे समझ पाना सामान्य मनुष्य के लिए अत्यंत कठिन है। यह हमारी कल्पनाओं से परे है – जिसे हम सोच भी नहीं सकते, वह तन्त्र की साधनाओं द्वारा संभव हो जाता है।
darshansamikhya Sep 3, 2025 0

꧁ जय द्वारकाधीश꧂ तन्त्र – एक गूढ़ रहस्य “तन्त्र कोई चमत्कार नहीं, यह स्वयं को प्रकृति के पार ले जाने…

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  • स्वयं से ही सम्पूर्ण अस्तित्व है। कोई भी या कुछ भी हमारे से पृथक नहीं है। परमात्मा ही हमारा अस्तित्व है। हम परमात्मा को कैसे प्राप्त हों_कृपा शंकरझुंझुनूं (राजस्थान)
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  • ସଂଧ୍ୟା ହେଲେ ବନ୍ଦ ହୁଏ ଶ୍ରୀ ମନ୍ଦିର ର ଉତ୍ତର ଦ୍ଵାର ବା ହସ୍ତୀ ଦ୍ଵାର କାହିଁକି -ଜୟ ଜଗନ୍ନାଥ
  • जिंदगी में दो व्यक्ति जीवन को नई दिशा देते हैं,एक जो मौका देता हैं, औरदूसरा वो जो धोखा देता _Dr PK Samantaray Ex PCMD: AIIMS New Delhi
  • independent thought and insight- Dr Santosh Kumar Mohapatra, Cuttack
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Darshan smikhya the weekly odia newspaper supplement publish from since 1988 having a large number of readers, viewers in state of odisha and covered 30 districts in 30 year having approximately 30000 well wishers

Editor -Baikunta Nath Jena ,Cuttack Odisha, Ph - 9937465240, RNI NO -ODIODI/2018/77356

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