तस्वीर में गिरफ्तार व्यक्ति पत्रकार प्रिंस कुमार यादव है।
इनका गुनाह ये है कि इन्होने 200 लोगों को राशन नहीं मिल रहा था उसकी खबर दिखा दी थी।
अब फर्जी SCSTAct के केस में जेल भेज दिया गया है।
अखिलेश , तेजस्वी और मोदी कब इनकी आवाज उठाएंगे ? प्रिंस भी PDA का हिस्सा है।
बिहार के इस रिपोर्ट के बाद राशन डीलर पर कार्रवाई हुई और उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
गिरफ्तारी का आरोप: दावों के मुताबिक, इसी रंजिश या मामले के चलते पत्रकार पर एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
सत्यापन: उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी के अनुसार इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस घटना ने इंटरनेट पर प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर बहस छेड़ दी है।











