अच्छा कर्म का फल अच्छा बुरा कर्म का बुरा मिलता है
। भारतीय दर्शन और के कर्मफल सिद्धांत के अनुसार, प्रकृति में हर क्रिया की प्रतिक्रिया निश्चित होती है।
कर्म सिद्धांत की मुख्य बातें
- समय और फल: अच्छे या बुरे कर्मों का परिणाम तुरंत नहीं दिखता, लेकिन इसका हिसाब पूरी तरह तय होता है।
- मानसिक शांति: अच्छे कर्म करने से वर्तमान में हृदय को शीतलता और आंतरिक शांति मिलती है, जबकि बुरे कर्मों से बेचैनी और दुःख मिलता है।
- लेख-जोखा: सृष्टि हर व्यक्ति के कर्मों का लेखा-जोखा स्वयं रखती है, इससे कोई नहीं बच सकता।भगवान बुद्ध कहते हैं
- गौतम बुद्ध के अनमोल विचार:
- वर्तमान में जिएँ: अतीत के बारे में मत सोचिए और भविष्य के सपने मत देखिए, बल्कि अपना पूरा ध्यान वर्तमान क्षण पर लगाइए।
- क्रोध का परिणाम: गुस्से को पकड़े रहना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़ने जैसा है; इससे जलते सिर्फ आप ही हैं।
- दुख का कारण: सभी दुखों की जड़ किसी भी चीज़ से अत्यधिक मोह या आसक्ति (Attachment) होना है।
- स्वयं का दीपक: अपना प्रकाश स्वयं बनिए, दूसरों पर निर्भर मत रहिए।















