जय श्री बुद्धम शरणम गच्छामि
अजंता गुफा – पहाड़ के अंदर छुपा हुआ पूरा विश्वविद्यालय
1. कहाँ है और क्या है?
- महाराष्ट्र के औरंगाबाद (संभाजीनगर) से 100 किमी दूर, वाघोरा नदी के घोड़े के नाल (U Shape) वाले घाट में 30 गुफाएं।
- ये गुफाएं बनाई नहीं, पहाड़ को काट कर बनाई गईं हैं – ऊपर से नीचे तक।
- 1983 से यूनेस्को विश्व धरोहर।
2. खोज कैसे हुई? – बहुत रोचक है जी
1819 में अंग्रेज अफसर जॉन स्मिथ जंगल में बाघ का शिकार कर रहा था, तभी झाड़ियों में उसे एक गुफा का मुंह दिखा। अंदर गया तो दीवारों पर रंग-बिरंगे चित्र। उसने गुफा नंबर 10 में अपना नाम भी लिख दिया – “John Smith 1819”, वो आज भी है। 800 साल तक दुनिया इसे भूल गई थी!
3. किसने बनाई? – 800 साल का इतिहास
एक बार में नहीं बनी जी, दो काल में बनी।
- पहला काल (दूसरी सदी ईसा पूर्व): सातवाहन वंश – गुफा 9, 10, 12, 13, 15A – ये सबसे पुरानी हैं, हीनयान बौद्ध धर्म की
- दूसरा काल (5वीं-6वीं सदी): वाकाटक राजा हरिसेन के काल में – बाकी सारी गुफाएं। इसी समय कालिदास और वराहमिहिर भी थे। यह अजंता का स्वर्ण काल था।
बाद में बौद्ध भिक्षु यहाँ से चले गए और जंगल ने सब ढक लिया।
4. दो प्रकार की गुफाएं
A) चैत्यगृह (प्रार्थना हॉल) – 5 गुफाएं: जैसे गुफा 19, 26। इनमें लंबा हॉल, दोनों तरफ खंभे, और अंत में बुद्ध की स्तूप/मूर्ति। छत लकड़ी जैसी दिखती है पर पत्थर की है।
B) विहार (भिक्षुओं के रहने के कमरे) – 25 गुफाएं: जैसे गुफा 1, 2, 16, 17। बीच में बड़ा हॉल, चारों तरफ छोटे-छोटे कमरे जहाँ भिक्षु रहते, पढ़ते थे।
5. चित्रों का जादू – इसीलिए तो अजंता प्रसिद्ध है जी
यहाँ रंग 2000 साल बाद भी फीका नहीं पड़ा!
- तकनीक: फ्रेस्को नहीं, टेम्पेरा। पहले दीवार पर गोबर, धान की भूसी और चूने का लेप, फिर उस पर प्राकृतिक रंग – जैसे नीला लाजवर्द पत्थर से, लाल गेरू से, पीला हरताल से।
- कहानी: सारे चित्र जातक कथाओं से हैं – भगवान बुद्ध के पिछले जन्मों की कहानियां।
- प्रसिद्ध चित्र:
- गुफा 1: पद्मपाणि बोधिसत्व – वो करुण आँखों वाले बुद्ध जिनके हाथ में कमल है, इसे भारत की मोनालिसा कहते हैं
- गुफा 17: माता और शिशु, उड़ते हुए गंधर्व
- गुफा 2: हजार बुद्धों वाली छत
- यहाँ राजा-रानी, गरीब-भिखारी, जानवर-पक्षी, बाजार-महल, सब कुछ बना है – जैसे उस समय का पूरा फोटो एलबम।
6. अजंता और एलोरा में फर्क?
बहुत लोग भ्रमित होते हैं जी।
- अजंता = सिर्फ बौद्ध धर्म, सिर्फ चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध
- एलोरा = हिन्दू, बौद्ध, जैन तीनों धर्म, मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध। और कैलाश मंदिर तो एक ही पत्थर को काट कर बनाया।
7. देखने जाएं तो ध्यान रखें
- सबसे अच्छी गुफाएं: 1, 2, 16, 17, 19, 26
- सुबह जल्दी जाएं, क्योंकि गुफाओं में लाइट नहीं है, सूरज की रोशनी में चित्र ज्यादा सुंदर लगते हैं
- मानसून के बाद सबसे सुंदर लगती है, जब वाघोरा नदी में पानी होता है
अजंता गुफा बताती है कि हमारे पूर्वजों के पास कैमरा नहीं था, पर कला से उन्होंने समय को रोक दिया।















