।। शुभ श्रावण मास ।।
( शिव तत्व विचार )
भगवान शिव गले में सर्पों की माला पहनते हैं पर कभी भी अपनी शांति का त्याग नहीं करते हैं। सर्पों की माला धारण करना अर्थात् अनेक कठिनाइयों को अपने ऊपर ले लेना। जीवन है तो मुश्किलें तो आयेंगी, बस जो उन्हें हँसके सह लेता है, वह शिव बन जाता है और जो उन्हें नहीं सह पाता वह शव बन जाता है। मुश्किलों का समाधान उनसे मुकर जाना नहीं है अपितु मुस्कुराकर सामना करने में है।
विषम घड़ी में आप अपने चेहरे पर मुस्कान लाने की हिम्मत जुटा पाते हैं तो फिर आपकी आंतरिक शांति भंग करने की सामर्थ्य किसी में नहीं है। भगवान शिव के गले में सर्पों की माला हमें यह सन्देश देती है, कि मुश्किलें तो किसी को भी नहीं छोड़ती बस आप अपनी हिम्मत और मुस्कान कभी मत छोड़ना। गले में विषमता के विषधर होने के बावजूद भी आनंद और प्रसन्नता में जीना भगवान महादेव के जीवन से सीखना चाहिए।
आज का दिन शुभ मंगलमय हो।
हर हर महादेव















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