भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला था, जिसके कारण बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) लगभग 1,500 अंक टूटकर बंद हुआ था। इस भारी गिरावट की वजह से निवेशकों की करीब ₹11 लाख करोड़ की संपत्ति एक ही दिन में स्वाहा हो गई थी।
बाजार में इस भारी बिकवाली और गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण शामिल थे:
मध्य पूर्व में तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा था और यह $100 प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बने हुए थे, जिससे भारत जैसे तेल-आयातकों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा था।
कमजोर रुपया: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया (Rupee) काफी कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तरों पर पहुंच गया था।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा भारतीय बाजारों से लगातार भारी मात्रा में पूंजी निकाली जा रही थी।
आईटी शेयरों में गिरावट: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसने मुख्य सूचकांकों को नीचे खींचने में मुख्य भूमिका निभाई।
सरकारी अपील: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक restraint और खपत को कम करने की सरकारी अपीलों ने भी बाजार की धारणा (market sentiment) को प्रभावित किया था।
मई 2026 के मध्य में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट (4 दिन में ~17 लाख करोड़ रुपये का नुकसान) के मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव (पश्चिम एशिया), कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा भारी बिकवाली, कमजोर कॉर्पोरेट आय, और वैश्विक बाजार के नकारात्मक संकेत हैं
source :जी बिसनेस












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