ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। IRGC ने कहा है कि अगर ऐसा होता है तो खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान की इस धमकी से मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों की टेंशन बढ़ गई है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को खतरा हुआ तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। यह बयान अमेरिका के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें ईरान की नाकाबंदी करने का ऐलान किया गया था। इसके तहत अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से किसी भी जहाज के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा देगी। अमेरिका का मानना है कि इससे ईरान पर दबाव बढ़ेगा और वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के साथ-साथ वार्ता की बाकी शर्तों को मानने के लिए तैयार हो जाएगा। हालांकि, ईरान ने मध्य पूर्व के देशों को धमकी देकर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ की नाकेबंदी को लेकर कहा कि, “नाकेबंदी में दूसरे देश मदद करेंगे. हमने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी कर रखी है”. हालांकि, NATO के सहयोगी देशों ने सोमवार को कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज की नाकाबंदी की योजना में शामिल नहीं होंगे, बल्कि केवल लड़ाई समाप्त होने के बाद ही हस्तक्षेप करेंगे…
ईरान ने 20 लाख डॉलर का भुगतान किए बिना
थाईलैंड के मालवाहक जहाज पर हमला किया,
जो वहां से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
अभी-अभी:
फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, 121 खाली तेल टैंकर अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं; यह ऐसे समय हो रहा है जब ट्रंप उन देशों से अमेरिकी ऊर्जा खरीदने का आग्रह कर रहे हैं जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हुई बाधाओं से प्रभावित हैं।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का संदेश-
“हम चीनी लोग न्याय के पक्षधर हैं और बल प्रयोग की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हमें अपनी अस्मिता और आत्मविश्वास पर गहरा गर्व है। हमने कभी किसी दूसरे देश के लोगों को धमकाया, सताया या अपने अधीन नहीं किया, और न ही कभी करेंगे। ठीक इसी तरह, हम किसी भी विदेशी ताकत को हमें धमकाने, सताने या अपने अधीन करने की इजाज़त कभी नहीं देंगे। जो कोई भी ऐसा करने की कोशिश करेगा, उसे 1.4 अरब से ज़्यादा चीनी लोगों द्वारा बनाई गई ‘इस्पात की विशाल दीवार’ से टकराना पड़ेगा।

ईरान ने मशहूर गांधी अस्पताल पर किए गये हमलों का वीडियो जारी किया है जिसमें अस्पताल को खंडहर जैसा देखा जा रहा है। ईरान ने पिछले 40 दिनों के युद्ध के दौरान अमरिका-इजरायल के किए गये हमलों के बारे में दुनिया को बताना शुरू किया है और गांधी अस्पताल के वीडियो और तस्वीरों को जारी किया गया है। हमले में अस्पताल नष्ट हो गया है। भारत में ईरानी दूतावास ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें तेहरान के महात्मा गांधी अस्पताल को हुए नुकसान को दिखाया गया है। यह अस्पताल बच्चों के लिए बना है। इस फुटेज में हवाई हमलों के बाद अस्पताल की इमारत को बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाया गया है।
BREAKING: ईरानी अधिकारी मोहसिन रज़ाई:
“अगर इज़रायल परमाणु बम का इस्तेमाल करता है, तो हम भी इज़रायल पर परमाणु बम गिराएँगे।”












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