नागपंचमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं — हिन्दू संस्कृति ने पशु-पक्षी, वृक्ष-वनस्पति सबके साथ आत्मीय संबंध जोड़ने का प्रयत्न किया…
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भगवान शिव जी ही “हनुमान” थे ! एक बार पार्वती जी ने शंकर जी से कहा – भगवन अपने इस…
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आज का श्रीमद् भागवतम् भाव भागवत कहती है , कि भगवान कृपालु हैं , दयालु हैं , लेकिन सुख –…
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ऋषि चिंतन मानव जीवन श्रेष्ठ क्यों है?मनुष्य जीवन को “सबसे श्रेष्ठ” मानने का आधार, उसके अंदर मौजूद “अच्छे गुण” हैं…
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ଯେମିତି ପେଟ ପୁରି ଗଲେ ଅମ୍ରୁତ ବି ବିଶ ପରି ଲାଗେ,ସେମିତି ସ୍ବାର୍ଥ ସରିଗଲେ ସମ୍ପର୍କରେ ମଧ୍ଯ ପୂର୍ଣ୍ଣଛେଦ ପଡିଯାଏ। ଯେଉଁ ମଣିଷ ଅନ୍ୟ ପାଇଁ ଚିନ୍ତା…
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प्रातः वंदन, इज्ज़त के बदले इज्ज़त देनी चाहिएलेकिन अगर बेइज्जती के बदले भीअगर इज्जत दी जाए तोउस शख्स की इससे…
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समय के साथ शिक्षा का क्षय हो जाता है l अच्छी तरह जड़ से जमा हुआ वृक्ष भी धराशायी हो…
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ऐसी है ईश्वर के नाम की महिमा!ईश्वर के नाम का जप अनोखे आनंद को जन्म देता है। इसका वर्णन करना…
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वैराग्य आपके जीवन में आनंद लेेकर आता हैजब तक आपके मन में इच्छाएं हैं, तब तक आप दुखी हैं। इच्छाएं…
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#କର୍ମପାଞ୍ଚପ୍ରକାର ପଞ୍ଚକର୍ମ ଆମେ ସାଧାରଣତଃ ପାଞ୍ଚ ପ୍ରକାର କର୍ମ କରିଥାଉ। ତାହାହେଲା….. (ଗ) ପରିସ୍ଥିତିକୃତ ନୈମିତ୍ତିକ କର୍ମ’- ସନ୍ତାନ ଜନ୍ମ ହେଲେ, ପୁତ୍ର ବା ପୁତ୍ରୀର ବିବାହ…
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