तैलधारा ब्रह्मलोक//एक बर्तन में तेल लेकर उसे दुसरे बर्तन में डालिए| जिस तरह बिना खंडित हुए उसकी धार गिरती है वैसे ही अनाहत नाद यानि प्रणव की ध्वनी सुनती है|

‘तैलधारा’ की तरह क्यों होती है? गुरु रूप ब्रह्म कौन हैं?.गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं — “ये त्वक्षरमनिर्देश्यमव्यक्तं पर्युपासते।सर्वत्रगमचिन्त्यं…

Read More
आज जानेंगे हिन्दू देवियों के नाम और परिचय,,,

हिन्दू देवियों के नाम और परिचय 1.माता सरस्वती (विद्या की देवी ब्रह्मा की पत्नी)। 2.माता सरस्वती (ब्रह्मा-सावित्री की पुत्री)। 3.सावित्री…

Read More
विचार संजीवनी//जो धन सदा साथ रहता है, वह कमाते नहीं और जो धन कमाते हैं, वह सदा साथ रहता नहीं।

राम।। जो धन सदा साथ रहता है, वह कमाते नहीं और जो धन कमाते हैं, वह सदा साथ रहता नहीं।…

Read More