उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक पिता ने अपनी जीवित इकलौती बेटी का मृत मानकर पिंडदान और तेरहवीं कर दी। 19 वर्षीय बेटी की 25 नवंबर को शादी तय थी, लेकिन 15 अक्टूबर को वह कॉलेज जाने के बहाने घर से निकली और अपने प्रेमी के साथ चली गई।
पिता राजू गुप्ता के अनुसार, बेटी के घर छोड़ने के गहरे सदमे से उनकी 40 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई। पुलिस ने छह घंटे के भीतर युवती और उसके प्रेमी को ढूंढ निकाला, लेकिन बालिग होने के कारण उसने अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया और प्रेमी के साथ जाने का फैसला किया। दोहरे आघात से टूटे पिता ने अपनी पत्नी की तेरहवीं के साथ ही जिंदा बेटी का भी अंतिम संस्कार (पिंडदान) कर दिया और उसे अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने का ऐलान किया है।











