खुद को बहुत चालाक या ‘चालक’ समझना इंसान की एक बहुत बड़ी भूल है,क्योंकि हर चालाकी का एक अंत और समय का हिसाब होता है।

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खुद को बहुत चालाक या ‘चालक’ (समझदार या धोखेबाज) समझना इंसान की एक बहुत बड़ी भूल है,

क्योंकि हर चालाकी का एक अंत और समय का हिसाब होता है।
चालाकी का भ्रम और उसका परिणाम
इंसान अपनी चतुराई से कुछ समय के लिए दूसरों को मूर्ख बना सकता है, लेकिन यह सफलता लंबे समय तक नहीं टिकती।
वक्त सबका हिसाब रखता है और जब समय का चक्र घूमता है, तो किसी की चालाकी काम नहीं आती।
·अच्छे विचार
विश्वास का नुकसान: जो लोग खुद को सबसे चतुर समझते हैं, वे अंत में अपनों का भरोसा और सम्मान खो देते हैं।


कर्म का सिद्धांत: आपकी चालाकी दुनिया से छिप सकती है, लेकिन कर्म और अंतरात्मा की नजरों से नहीं बच सकती

जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद को हर दिन थोड़ा बेहतर बनाना है।

हम अक्सर सोचते हैं कि खुशी बड़ी-बड़ी चीज़ों में मिलेगी, बड़ा घर, बड़ी गाड़ी, बहुत पैसा।

पर सच तो ये है कि खुशी छोटी-छोटी बातों में छुपी होती है, सुबह की चाय में, किसी अपने की मुस्कान में, और किसी की मदद करने में।

अगर आज तुम्हारा दिन अच्छा नहीं है, तो याद रखो, बुरा वक्त भी एक मेहमान की तरह है, आता है और चला जाता है।

पर तुम्हारा अच्छा व्यवहार हमेशा लोगों के दिल में रह जाता है। इसलिए किसी से नफरत मत करो, किसी का बुरा मत सोचो।

मेहनत करते रहो, भले ही कोई देखे या न देखे, क्योंकि फल हमेशा मेहनत का ही मिलता है, किस्मत का नहीं।

आज जो बीज बोओगे, कल उसी का पेड़ बनेगा। तो आज का दिन बर्बाद मत करो, इसे पूरी ईमानदारी से जियो।

. निर्णय आपका

. स्वयं विचार करें​

. 🔸मन सच्चा, विचार अच्छा,🔸
. 🔹बाकी सब प्रभू की इच्छा।🔹

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