शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम सिन्हा (चंदिरमानी) की प्रेम कहानी किसी फिल्मी ड्रामा से कम नहीं है। इनकी मुलाकात एक ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी और परिवार की कड़ी आपत्तियों के बावजूद, दोनों ने 9 जुलाई 1980 को शादी कर ली।
ट्रेन में पहली मुलाकात (1965)
शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम की पहली मुलाकात 27 जून 1965 को एक ट्रेन में हुई थी। पूनम अपनी मां के साथ यात्रा कर रही थीं और शत्रुघ्न सिन्हा उसी डिब्बे में सवार थे। पहली ही नज़र में शत्रुघ्न उन्हें अपना दिल दे बैठे। पूनम की मौसी ने शत्रुघ्न को मुंबई का पता दिया, जिसके बाद उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई।

ससुराल वालों का विरोध
शुरुआत में पूनम का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। पूनम की मां को शत्रुघ्न का सांवला रंग और उनकी फिल्मों की ‘विलेन’ वाली इमेज बिल्कुल पसंद नहीं थी। इसके बावजूद पूनम अपने फैसले पर अडिग रहीं और शत्रुघ्न से ही शादी की।
शादी के दिलचस्प किस्से
आधी रात को मिलना: 1971 के भारत-पाक युद्ध के समय मुंबई में रात को कर्फ्यू लगा करता था। इसके बावजूद शत्रुघ्न रात 1 बजे पूनम से मिलने उनके घर पहुंच जाते थे। उन्होंने तय कर लिया था कि अगर वे पकड़े गए, तो चुपके से कोर्ट मैरिज कर लेंगे।
अपनी ही शादी में लेट
शत्रुघ्न सिन्हा अपनी ही शादी में लगभग 3 घंटे देरी से पहुंचे थे।
शादी के बाद के उतार-चढ़ाव
अपनी शादी के बाद के सालों में, शत्रुघ्न सिन्हा और अभिनेत्री रीना रॉय के अफेयर के चर्चे भी काफी मशहूर रहे। हालांकि,

तमाम अफवाहों के बावजूद पूनम सिन्हा ने एक मजबूत स्तंभ की तरह परिवार को संभाले रखा। इस जोड़े के तीन बच्चे हैं—दो जुड़वां बेटे, लव और कुश, और बेटी सोनाक्षी सिन्हा।
ट्रेन में हुई पहली मुलाकात और पूनम सिन्हा को देखने के बाद के पलों को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा












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