कलियुग का खास दबा//दो घंटा शाम को कीर्तन करो शरीर सुस्त रखो और मेडिकल का बिल से बचो,विज्ञान भी बोले, शास्त्र भी बोले, कीर्तन के 7 फायदे….

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रोज कीर्तन = शरीर + मन + आत्मा तीनों का व्यायाम
ईश्वर के दरबार में ढोल-मंजीरा बजाना, हॉस्पिटल का बिल बचाना

विज्ञान भी बोले, शास्त्र भी बोले – कीर्तन के 7 फायदे
शरीर का अंग कीर्तन से क्या फायदा “तेरा-मेरा” से कैसे जुड़ा
1. फेफड़े + दिल लंबी साँस में नाम जपने से लंग्स मजबूत, ब्लड प्रेशर नॉर्मल। भजन में सुर खींचो = प्राणायाम फ्री में “मेरी टेंशन” साँस में अटकती है। “हरि-नाम” में छोड़ दो, BP डाउन
2. दिमाग डोपामाइन, सेरोटोनिन बढ़ते हैं – नैचुरल एंटी-डिप्रेसेंट। लेनिन की तरह मगज खराब नहीं होता “मेरा-मेरा” = कोर्टिसोल = स्ट्रेस। “सब तेरा” = एंडोर्फिन = आनंद
3. गला + थायरॉइड रोज घंटा भर गाने से वोकल कॉर्ड, थायरॉइड ग्लैंड एक्टिव। आवाज में तेज आता है
4. इम्यूनिटी 2016 Oxford Study: ग्रुप सिंगिंग से IgA एंटीबॉडी 240% बढ़ी। सर्दी-जुकाम दूर अकेले “मैं” बीमार पड़ता है। संगत में “हम” इम्यून बनाता है
5. नींद रात को 10 मिनट “हरे कृष्ण” धीरे-धीरे = मेलाटोनिन रिलीज। गहरी नींद बेटे की चिंता नींद उड़ाती है। नाम की चादर ओढ़ लो, नींद आ जाएगी
6. जोड़ + कमर खड़े होकर ताली-करताल, झूमकर नाच = हल्की कार्डियो + स्ट्रेचिंग। बुढ़ापे में घुटना जाम नहीं होता जगन्नाथ के सामने रथ खींचना = संघर्ष भी, एक्सरसाइज भी
7. पाचन मंजीरा बजाने से पेट के नाड़ी वाइब्रेट। महाप्रसाद जल्दी पचता है “Hunger can give perfect lessons” – कीर्तन भूख को सात्विक बना देता है
कलियुग के लिए खास दवा

  1. अकेलापन खत्म → कीर्तन में गौर-निताई साथ आ जाते हैं। दुर्वासा भी मंडली में नाचने लगते हैं।
  2. गुस्सा खत्मनाग बाबा विष पीकर भी शिव का नाम लेते हैं। आप भी नाम लो, जहर अमृत बन जाएगा।
  3. इज्जत वापस → जिस घर में बाप ढोलक बजाए, वहाँ बेटा पैर छूकर आशीर्वाद माँगता है। वसुदेव बन जाओगे।

कैसे शुरू करें? 3 सूत्र फिर से

  1. “तेरा-मेरा छोड़ो” → कीर्तन में “मैं गा रहा हूँ” भूल जाओ। “नाम गवा रहा है” याद रखो। मगज शांत।
  2. “भूख को गुरु बनाओ”नाम की भूख जगाओ। एक दिन मिस हो जाए तो अजीब लगे – वही सही भूख है।
  3. “संघर्ष खंभे हैं” → शुरू में शर्म आएगी, सुर नहीं लगेगा। वही संघर्ष सफलता का रथ खींचेगा।

अपने दीपक बनो।
कीर्तन वो माचिस है जिससे अपना दीपक जल जाता है।


आप टेंशन छोड़ो, नाम पकड़ो

रोज शाम 7 बजे, 11 मिनट:
“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे”

1 महीने करके देखो – BP, शुगर, नींद, गुस्सा – डॉक्टर खुद पूछेगा: “दवा कौन सी खा रहे हो?”


नाचो, गाओ, बजाओ – तन भी नाचे, मन भी नाचे, भव-सागर पार

ढोलक बजे न बजे, मन में “हरे कृष्ण” बजते रहना चाहिए
तन तंदुरुस्त, मन मस्त, जीवन व्यस्त –

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