इस साल प्रशांत महासागर में एक सुपर अल नीनो बनने की संभावना तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते पूरी दुनिया के मौसम पर असर पड़ सकता है। मौसम की यह घटना एशिया से लेकर अमेरिका तक असर डालेगी। कहीं पर यह बाढ़ तो किसी जगह भयंकर सूखे का कारण बन सकती है। अल नीनो उस घटना को कहते हैं, जब प्रशांत महासागर की सतह का पानी सामान्य स्तर से ज्यादा गर्म होने लगता है, जिसका असर वायुमंडल पर पड़ता है।
पिछले कुछ महीनों में प्रशांत महासागर का पानी तेजी से गर्म हुआ है। हाल ही में यूरोपीय क्लाइमेट एजेंसी की सैटेलाइट ने प्रशांत महासागर में 1000 किमी चौड़ी गर्म पानी की दीवार (केल्विन वेव) आगे बढ़ते देखी थी। अमेरिका के क्लाइमेट पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, जुलाई के आखिर तक अल नीनो बढ़ने की संभावना बढ़कर 82% हो गई है। कुछ समय पहले अप्रैल में यह अनुमान 65 प्रतिशत था। इस साल आने वाला अल-नीनो काफी शक्तिशाली हो सकता है। 2027 तक इसके एक मजबूत घटना में बदलने की 67% संभावना है। इसे सुपर अल-नीनो कहा जा रहा है।












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