परिवर्तन बहुत कष्टदाई होता है लेकिन उतना ही आवश्यक भी है परिवर्तन से मत डरो क्योंकि यह प्रकृति का नियम है
और आप इसे बदल नहीं सकते आप अच्छा खो रहे है तो उससे अच्छा हासिल भी कर सकते हो खुश रहना चाहते हो तो लोगों की बातों पर कम और अपने विचारों पर ज्यादा ध्यान दो
क्योंकि जन्म से कोई व्यक्ति मित्र या शत्रु लेकर नहीं आता यह आपके स्वभाव और विचार पर निर्भर करता है यह जरूरी नहीं कि आपका हर करीबी व्यक्ति आपका शुभचिंतक ही हो उनमें से कुछ आपका शुभ होता देखकर चिंतित भी हो जाते होंगे सुख आयेंगे और चले भी जाएंगे दुख भी आयेंगे
और वो भी चले जायेंगे जो संसार के इस अनित्य और क्षणभंगुर चले जाने के शाश्वत नियम को जान लेता है वो जीवन के सारे बंधनो से मुक्त होने लगता है माफ करने की आदत डालें ताकि आपके दिमाग़ में किसी के प्रति नफ़रत पैदा न हो सके..!
















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