श्रीधर वेम्बु (Sridhar Vembu) प्रमुख भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद कंपनी Zoho Corporation (जोहो कॉर्पोरेशन) के संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने बिना किसी बाहरी निवेश (Bootstrap) के अपनी कंपनी को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वैल्यूएशन तक पहुँचाया।

अपनी सादगी के लिए प्रसिद्ध, वेम्बू ने सिलिकॉन वैली छोड़कर तमिलनाडु के ग्रामीण इलाके से कंपनी का संचालन चुना और ग्रामीण शिक्षा/रोजगार (Zoho Schools) पर जोर दिये
श्रीधर वेम्बू के बारे में मुख्य तथ्य:
शिक्षा: उन्होंने IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (1989) में ग्रेजुएशन और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अमेरिका में क्वालकॉम के लिए काम किया, लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर 1996 में ‘एडवेंटनेट’ (बाद में 2009 में जोहो कॉरपोरेशन बना) की स्थापना की।
जोहो (Zoho):

यह दुनिया भर में 180 से अधिक देशों में इस्तेमाल होने वाले 50 से अधिक सॉफ्टवेयर उत्पादों (जैसे Zoho CRM, Books, Workplace) की सेवा देती है।
ग्रामीण फोकस: 2019 में वेम्बु तमिलनाडु के तेनकासी जिले के मथलमपराई गांव में बस गए और वहीं से कंपनी का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए ‘जोहो स्कूल’ शुरू किया है।
पुरस्कार: उन्हें 2021 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
प्रमुख उत्पाद: जोहो ने सिग्नल/टेलीग्राम के स्वदेशी विकल्प के रूप में ‘अरट्टई’ (Arattai) ऐप भी लॉन्च किया है।
वेम्बु एक बेहद साधारण जीवन शैली जीते हैं और अक्सर गांव में साइकिल चलाते हुए देखे जाते हैं।












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