जैसी की आशंका थी, इस्राइल ने युद्ध विराम को नाकाम करने की एक बड़ी कोशिश कर डाली है। उसने लेबनान पर ताबड़तोड़ बमबारी करके ढाई सौ ज़्यादा निर्दोष लोगों को मार डाला है और क़रीब डेढ़ हज़ार लोगों को ज़ख़्मी कर दिया है।
उसकी इस कार्रवाई से युद्ध विराम पर संकट के बादल मँडराने लगे हैं।
इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज़ जल डमरू मध्य को बंद कर दिया है। इसका ऐलान आईआरजीसी ने ईराना मीडिया के ज़रिए किया है। हालाँकि अमेरिका का कहना है कि वह खुला है, मगर अन्य स्रोतों के मुताबिक होर्मुज में आवाजाही नहीं हो रही है।
ज़ाहिर है कि ट्रम्प के सामने फिर से चुनौती खड़ी हो गई है। हालाँकि उन्होंने इस्राइल का पक्ष लिया है और कहा है कि युद्ध विराम में लेबनान शामिल नहीं था, मगर ईरान और पाकिस्तान दोनों ने इसके शामिल होने की बात कही है।
अगर इस्राइल की वज़ह से होर्मुज बंद हो रहा है तो ये ट्रम्प की बड़ी नाकामी मानी जाएगी। सवाल उठता है कि वे इस्राइल को क्यों नहीं रोक रहे हैं? क्या वे इस्राइल के सामने बेबस हैं या फिर ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए उसे खुली छूट दे रहे हैं।
सवाल ये भी है कि अगर इस्राइल लेबनान पर बम बरसाता रहा तो इस्लामाबाद में शुक्रवार से होने वाली वार्ताओं का क्या होगा?
जैसी की आशंका थी// इस्राइल ने युद्ध विराम को नाकाम करने की एक बड़ी कोशिश कर डाली है। उसने लेबनान पर ताबड़तोड़ बमबारी करके ढाई सौ ज़्यादा निर्दोष लोगों को मार डाला ,ईरान ने होर्मुज़ जल डमरू मध्य को बंद कर दिया है।












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