श्रावण संक्रांति 16 जुलाई गुरुवार को: राशि अनुसार करें दान – ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री

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प्रेस विज्ञप्ति

श्रावण संक्रांति 16 जुलाई गुरुवार को: राशि अनुसार करें दान – ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री

जम्मू-कश्मीर: श्रावण संक्रांति इस वर्ष गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी। इस संदर्भ में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के प्रधान ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री जी ने बताया कि सनातन धर्म में श्रावण संक्रांति का विशेष महत्व है। गुरुवार 16 जुलाई रात्रि 11 बजकर 39 मिनट पर सूर्यदेव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। श्रावण मास की संक्रांति को कर्क संक्रांति भी कहा जाता है।

पंचांग के अनुसार, कर्क संक्रांति से उत्तरायण काल का समापन होता है और दक्षिणायन की शुरुआत होती है, जो मकर संक्रांति तक रहती है। इस दिन का पुण्यकाल सायं 05:15 से अगले दिन सुबह 06:03 बजे से तक रहेगा।

श्रावण संक्रांति का धार्मिक महत्व

श्रावण संक्रांति के दिन पवित्र नदियों जैसे गंगा में स्नान और दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है। यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर में गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें। आस-पास के ब्राह्मणों और ज़रूरतमंदों को भोजन, मिष्ठान, वस्त्र आदि का दान करें। इस दिन किया गया दान दस गुना पुण्य देने वाला माना गया है।

श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना विशेष रूप से की जाती है। शिव महापुराण, शिवस्तोत्रों का पाठ, रुद्राभिषेक तथा “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल, बिल्वपत्र आदि से शिवलिंग का पूजन करें। साथ ही, स्त्रियों को श्रावण मास के मंगलवार को श्री मंगलागौरी व्रत करने से विवाह, संतान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

श्रावण संक्रांति का फल (ज्योतिषीय भविष्यवाणी)

यह संक्रांति ब्राह्मणों एवं लेखकों के लिए अनुकूल रहेगी। धार्मिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, अग्निकांड , राजनेताओं व पार्टियों में विरोध,भूकंप या प्राकृतिक आपदाओं की संभावना है। दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। वर्षा अधिक होगी और बाढ़ की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

यह संक्रांति मेष, वृष,मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक धनु और मकर राशि वालों के लिए लाभकारी होगी। अन्य राशियों के लिए यह कष्टदायक रह सकती है।

श्रावण संक्रांति पर क्या करें और क्या न करें

करें:

सात्विक आहार ग्रहण करें।

इष्टदेव, सूर्यदेव और सत्यनारायण भगवान की पूजा करें।

स्नान, ध्यान, मंत्रजप व दान-पुण्य अवश्य करें।

न करें:

तामसिक भोजन का सेवन न करें।

शराब व अन्य नशे से दूर रहें, ये शरीर और भविष्य दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं।

राशि अनुसार क्या दान करें?

मेष: गुड़, मूंगफली, तिल, तांबा, दही
वृष: सफेद वस्त्र, चांदी, तिल
मिथुन: मूंग दाल, चावल, पीले वस्त्र, गुड़, कंबल
कर्क: चांदी, चावल, सफेद ऊन, तिल, सफेद वस्त्र
सिंह: तांबा, गुड़, गेहूं, सोना, मोती
कन्या: चावल, हरे मूंग, हरे वस्त्र
तुला: हीरा, चीनी, कंबल, गुड़, सप्त धान्य
वृश्चिक: मूंगा, लाल वस्त्र, दही, तिल
धनु: वस्त्र, चावल, तिल, पीले वस्त्र, गुड़
मकर: गुड़, चावल, कंबल, तिल
कुंभ: काले वस्त्र, काली उड़द, खिचड़ी, कंबल, घी, तिल
मीन: रेशमी वस्त्र, चने की दाल, चावल, तिल

यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राशि अनुसार किया गया दान आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और ग्रहों की पीड़ा को शांत करता है।

— ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री
प्रधान, श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट, जम्मू
संपर्क सूत्र 7006711011

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