सरल अर्थ:
दूसरों को सीख देने वाले तो बहुत मिल जाते हैं,
लेकिन उन सीखों पर स्वयं चलने वाले बहुत कम होते हैं।
जीवन की सीख:
दुनिया में सलाह देना आसान है, लेकिन उसी सलाह को अपने जीवन में उतारना सबसे कठिन काम है। इसलिए दूसरों को बदलने से पहले खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कीजिए। आपके कर्म ही आपकी सबसे बड़ी पहचान बनते हैं, शब्द नहीं।
“जो व्यक्ति अपनी सीख पर खुद चलता है, उसकी खामोशी भी लोगों को प्रेरित कर देती है।”
“जीवन में सबसे बड़ी पूजा अच्छे कर्म हैं, सबसे बड़ा धर्म सत्य है, और सबसे बड़ा आभूषण विनम्रता है।”
प्रभु श्रीराम ने सिखाया कि संकट से डरना नहीं, उसका धैर्य और विश्वास से सामना करना चाहिए।
जो व्यक्ति अपने वचन, व्यवहार और विचारों को पवित्र रखता है, वही सच्चे अर्थों में महान बनता है।
जीवन की सबसे बड़ी सफलता ऊँचा पद नहीं, बल्कि ऐसा चरित्र है जिस पर संसार विश्वास करे।












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