अमीन सयानी और बिनाका गीत माला 🎙️🎵
“बहनों और भाइयो… मैं हूं आपका दोस्त अमीन सयानी” – ये जादुई आवाज़ सुनते ही पूरा हिंदुस्तान रेडियो से चिपक जाता था।
1. बिनाका गीत माला क्या था?
भारतीय रेडियो इतिहास का सबसे मशहूर फिल्मी गानों का काउंटडाउन शो। 3 दिसंबर 1952 को रेडियो सीलोन से शुरू हुआ। 1787
समय: हर बुधवार रात 8 से 9 बजे तक। जब ये शो आता था तो पूरा देश जैसे थम सा जाता था – गाँव, शहर, हर जगह लोग रेडियो सुनने बैठ जाते थे 1787
2. कैसे शुरू हुआ?
1952 में एक टूथपेस्ट कंपनी “बिनाका” ने अपने प्रोडक्ट के लिए हिंदी फिल्मी गानों का शो प्लान किया। उस समय आकाशवाणी पर सूचना मंत्री बी.वी. केसकर ने फिल्मी गानों पर बैन लगा दिया था 2bec
हामिद सयानी ने अपने छोटे भाई 20 साल के अमीन सयानी को ये शो दिया। 25 रुपये प्रति सप्ताह के लिए कोई तैयार नहीं था ec1e
3. अमीन सयानी का जादू
- आवाज़: “जी हां भाइयों और बहनों” कहने का अंदाज़ लोगों को बहुत पसंद था
- पायदान: गानों की रैंकिंग के लिए “पायदान” शब्द उन्होंने ही दिया
- स्टाइल: चीखते-चिल्लाते नहीं थे, शालीनता से ज़रूरी बात करते थे
- रिटायरमेंट: अगर कोई गाना 25 बार से ज़्यादा बजता तो उसे “सलामी” देकर रिटायर कर देते थे 9a5917873fc7
4. शो की लोकप्रियता
- पहला प्रोग्राम: 9,000 चिट्ठियां आईं। बाद में एक हफ्ते में 65,000 तक चिट्ठियां आने लगीं
- अवधि: आधे घंटे से शुरू होकर एक घंटे का हुआ
- नाम: 1986 में बिनाका से बदलकर “सिबाका गीत माला” हो गया
- कुल समय: 1952 से 1994 तक 42 साल तक जबरदस्त लोकप्रिय रहा 2becec1e82e8
5. अमीन सयानी के बारे में
- जन्म: 21 दिसंबर 1932, मुंबई
- निधन: 20 फरवरी 2024, 91 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से
- रिकॉर्ड: 54,000 रेडियो प्रोग्राम और 19,000 जिंगल में आवाज़ दी
- फिल्में: भूत बंगला, तीन देवियां जैसी फिल्मों में भी काम किया 9a59
6. यादगार किस्सा
उस दौर में घरों में रेडियो कम होते थे। लोग ताले वाली अलमारी से रेडियो निकालते, शो सुनते और फिर वापस रख देते थे। लोग पहले नंबर के गाने का बेसब्री से इंतज़ार करते थे 9393
आज भी: अमीन सयानी की आवाज़ भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनमोल हिस्सा है। आज के PM मोदी का “मन की बात” भी उसी रेडियो परंपरा को आगे बढ़ा रहा है 7524

- जन्म: 21 दिसंबर 1932, मुंबई में
- निधन: 20 फरवरी 2024 को, दिल का दौरा पड़ने से
जब 1952 में बिनाका गीत माला शुरू किया था, तब वो सिर्फ 20 साल के नौजवान थे। और 42 साल तक यानी 1994 तक इस शो को होस्ट करते रहे।
91 साल की उम्र में भी उनकी आवाज़ और अंदाज़ लोगों के दिलों में जिंदा है। “बहनों और भाइयो” वाला उनका वो प्यारा संबोधन आज भी याद किया जाता है।












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