अयोध्या। डॉ. फातिमा हसन रिज़वी एक ऐसा नाम, जिसे रुदौली की जनता सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि गरीबों की उम्मीद के रूप में याद कर रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली में उनके कार्यकाल के दौरान बेहतर इलाज, साफ-सफाई, समय से दवा, मरीजों के सम्मान और व्यवस्था सुधार की जो तस्वीर दिखी, लोगों की जुबान पर है। सात माह में 470 सफल सीज़ेरियन ऑपरेशन
सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की दुआ है, जिन्होंने सरकारी अस्पताल में पहली बार भरोसा महसूस किया। अयोध्या जनपद ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सर्वे में पूरे उत्तर प्रदेश में 5वां स्थान हासिल किया। यानी जिस अधिकारी ने अस्पताल को वास्तव में जनता के भरोसे का केंद्र बनाया, वही आज चर्चा के केंद्र में है। अब जनता के बीच लगातार एक सवाल उठ रहा है आखिर अच्छे और ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों से कुछ लोगों को इतनी परेशानी क्यों होती है? क्या इसलिए कि गरीबों को राहत मिलने लगी थी? क्या इसलिए कि बाहर की दवा और कमीशन का खेल बंद हो रहा था? या इसलिए कि सरकारी अस्पताल में पहली बार गरीब इंसान भी सम्मान महसूस कर रहा था? रुदौली की जनता सब देख रही है और सच को पहचान भी रही है। जिसकी काबिलियत को देखकर डाक्टर फातिमा को रुदौली सीएचसी का अधीक्षक बनाया गया था,उनकी योग्यता को एक अंगूठा टेक ने चुनौती दी और पद से हटवा दिया। उस गरीबों की मसीहा को न्याय रुदौली की गरीब जनता देगी।
अयोध्या// डॉ. फातिमा हसन रिज़वी एक ऐसा नाम, जिसे रुदौली की जनता सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि गरीबों की उम्मीद के रूप में याद कर रही है।












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