सज्जन पुरुष विपत्ति पड़ने पर भी अपने सुस्वभाव को नहीं त्यागते जिस प्रकार आग का स्पर्श होने से जलकर नष्ट होने पर भी कपूर सुगन्ध ही प्रदान करता हैं -वेदभाष्यकार डॉ देवीसहाय पाण्डेय अयोध्या

स्वभावं न जहात्येवसाधुरापद्गतोऽपि सन् ।कर्पूरः पावकस्पृष्टःसौरभं लभतेतराम् ॥ भावार्थ:सज्जन पुरुष विपत्ति पड़ने पर भी अपने सुस्वभाव को नहीं त्यागते जिस…

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